आगरा में गूंजा ‘UGC बिल वापस लो’, सवर्ण समाज ने शहीद स्मारक पर कैंडल मार्च निकाल कर फूंका विरोध का बिगुल

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आगरा। यूजीसी की नई नीतियों और प्रस्तावित बिल के खिलाफ आगरा में विरोध तेज हो गया है। शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक समानता को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए सर्वण समाज, आगरा के तत्वावधान में बुधवार को कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में अधिवक्ताओं समेत बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया।

कैंडल मार्च शाम पांच बजे शहीद स्मारक, संजय पैलेस से शुरू हुआ। हाथों में मोमबत्तियां लेकर चल रहे लोगों ने शिक्षा में भेदभाव और समाज को विभाजित करने वाली नीतियों का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी की नई नीतियां शिक्षा के मूल सिद्धांतों, समानता के अधिकार और संविधान की भावना के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि इन नीतियों से समाज में विभाजन बढ़ेगा और इसका सीधा असर छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों पर पड़ेगा।

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। मार्च में शिक्षक, छात्र, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कैंडल मार्च में मुख्य रूप से कपिल बाजपेई, डॉ. मदन मोहन शर्मा, दिलीप बंसल, एडवोकेट अश्वनी शर्मा, डॉ. मुनेश्वर गुप्ता, नितिन जौहरी, नकुल सारस्वत, मंजू बाजपेई और शाहरुख सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक शामिल रहे।