वेदर मेगा-अलर्ट: दिल्ली-यूपी समेत 15 राज्यों में भारी बारिश और 90 किमी की रफ्तार से आंधी का रेड अलर्ट

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नई दिल्ली: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के 15 राज्यों के लिए एक गंभीर ‘वेदर मेगा-अलर्ट’ जारी किया है। अगले 10 घंटों के भीतर इन राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और भीषण आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस अचानक और बड़े बदलाव के चलते दिल्ली सहित कई इलाकों में प्रशासन ने रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। विभाग के अनुसार, इस दौरान हवा की रफ्तार 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो जन-जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है।

सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से बिगड़ा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सक्रिय हुए ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली चक्रवाती हवाएं अचानक तीव्र होकर 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। आईएमडी ने नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

इन राज्यों पर रहेगा सबसे ज्यादा प्रभाव

IMD द्वारा जारी चेतावनी में मुख्य रूप से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि के साथ-साथ भूस्खलन (Landslide) का खतरा बना हुआ है।

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए भी विशेष अलर्ट जारी किया गया है। असम और मेघालय सहित आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने की पूरी संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में रेड अलर्ट

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में बीते रात से ही तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी है। खराब मौसम का सीधा असर विमान सेवाओं और स्थानीय यातायात पर पड़ने की संभावना है।

​प्रशासन की सख्त हिदायत

तेज तूफान से कच्चे मकानों, बिजली के खंभों और पेड़ों को भारी नुकसान हो सकता है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा है। किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित ढंकने की सलाह दी गई है, जबकि मछुआरों को समुद्र या जल निकायों के पास न जाने की कड़ी चेतावनी दी गई है। साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा कर रहे पर्यटकों को भी सुरक्षित स्थानों पर रुकने का निर्देश दिया गया है।