वक्फ संशोधन बिल भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति का नया रूप: अखिलेश यादव

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति का नया रूप है। भाजपा सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए यह बिल लाई है। वक्फ संशोधन बिल के पीछे न तो भाजपा की नीति सही है और नही नीयत। वक्फ बिल में मुसलमान भाइयों की बात नहीं सुनी गयी। जब मुसलमानों की बात नहीं सुनी गयी तो वक्फ बिल उनके पक्ष में कैसे है।

अखिलेश यादव ने कहा कि इस बिल से दुनिया में गलत संदेश जाएगा। देश की सेकुलर इमेज को बहुत धक्का लगेगा। यह बिल भाजपा की नफरत की राजनीति का एक और अध्याय है। वक्फ बिल भाजपा के लिए वाटर-लू साबित होगा। ऊपर से भले ही भाजपा के सहयोगी इस बिल के साथ दिखाई दे रहे है लेकिन अंदर से सहमत नहीं है। भाजपा सरकार का वक्फ बिल कोई उम्मीद लेकर नहीं आयेगा। भाजपा अपनी नाकामी छिपाने के लिए नया बिल लाती है। बीजेपी के अन्दर मुकाबला चल रहा है कि कौन खराब हिन्दू है।

लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस बिल के खिलाफ है। अगर वोट पड़ेगा तो समाजवादी पार्टी इसके खिलाफ वोट डालेगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि इस बिल के जरिए देश के करोड़ों लोगों से उनके घर और दुकानें छीनने की साजिश है। भाजपा एक अलोकतांत्रिक पार्टी है। भाजपा असहमति को अपनी शक्ति मानती है। जब देश के अधिकांश राजनीतिक दल वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ हैं तो उसे लाने की जिद भाजपा सरकार क्यों कर रही है। वक्फ बिल का लाना भाजपा की सियासी हट है। भाजपा वक्फ बिल लाकर अपने उन समर्थकों का तुष्टीकरण करना चाहती है, जो भाजपा की आर्थिक नीति, महंगाई, बेरोजगारी, बेकारी और चौपट अर्थव्यवस्था से उससे छिटक गये है। जब से लोकसभा चुनाव में खासकर उत्तर प्रदेश में वोट में भाजपा का गिरावट आयी है। वह परेशान है। उसकी कोशिश है कि कैसे बिखरता वोट संभाला जाय। ये वोट को संभालने के लिए बिल जाया गया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य वक्फ की जमीन है। इन जमीनों का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर पिछले दरवाजे से अपने लोगों के हाथों में देना चाहती है। भाजपा चाहती है कि वक्फ बिल लाने से मुस्लिम समुदाय को लगे की उनका हक मारा जा रहा है ताकि वे उद्वेलित हों और भाजपा को ध्रुवीकरण का मौका मिल सके। भाजपा अलोकतांत्रिक पार्टी है। उसका लक्ष्य ध्रुवीकरण की राजनीति करना है। भाजपा वक्फ संशोधन बिल समाज को बांटकर ध्रुवीकरण करने की राजनीति के लिए ला रही है। यह सोची समझी रणनीति का हिस्सा है क्योंकि इनका जो वोट बिखर गया है उसी के लिए ला रहे है। भाजपा मुस्लिमों में भी बंटवारा करना चाहती है। इनकी कोशिश है इस बिल के जरिए मुस्लिम भाईयों में बंटवारा हो जाये।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार गारंटी दे कि वक्फ की जमीन कभी बेची नहीं जाएगी। सरकार गारंटी दे कि वक्फ की जमीन कभी भी किसी पैंतरेबाजी से किसी और मकसद के लिए किसी और को नहीं दी जाएगी। वक्फ की व्यवस्था में चाहे पांच साल के धर्म पालन की पाबंदी की बात हो या कलेक्टर से सर्वेक्षण की बात हो या वक्फ परिषद या बोर्ड में बाहरियों को शामिल करने की बात हो। इन सबका उद्देश्य मुस्लिम भाइयों के सार्वजनिक अधिकार को छीनकर उनके महत्व और नियंत्रण को कम करना है। ट्रिब्यूनल के निर्णय को अंतिम न मानकर उच्च न्यायालय में ले जाने की अनुमति देना दरअसल जमीनी विवाद की लम्बी न्यायिक प्रक्रिया में फंसा कर वक्फ भूमि के कब्जों को बनाये रखने का रास्ता खोलेगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि ईद में लखनऊ में परम्परा रही है कि हर दल के नेता ईदगाह के कार्यक्रम में शामिल होने जाते है। सभी धर्मों के लोग आते है। मैं काफी लम्बे समय से ईद के दिन जाता रहा हॅू। लेकिन इस बार पता नहीं क्या साजिश और षडयंत्र था कि वहां पाबंदी लगी थी। बिना कारण के लखनऊ ईदगाह जाने की पाबंदी लगा दी गयी थी। चारो तरफ से बेरीकेडिंग कर दी गयी थी। जाने नहीं दिया जा रहा था।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार का हर फैसला नाकाम रहा है। नोटबंदी का फैसला बहुत तैयारी के साथ लाये थे। लेकिन वह नाकामयाब साबित हुई। उस नोटबंदी की नाकामी के बारे में भी चर्चा होनी चाहिए। नाकामी सिर्फ नोटबंदी की नहीं बेरोजगारी, महंगाई की भी है। किसान की आय दोगुनी नहीं कर पाये। भाजपा की ये क्या नाकामी नहीं है? क्या गंगा, यमुना साफ हो गयी? क्या स्मार्ट सिटी बन गयी।