आगरा। विद्या भारती से संबद्ध शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश द्वारा नियोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत, सरस्वती शिशु मंदिर, उत्तर विजयनगर, आगरा की ‘शिशु वाटिका’ के माध्यम से एक अत्यंत भव्य एवं संस्कारमय कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में विद्यालय के लगभग 200 नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने अत्यंत उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सहभागिता निभाई।
यात्रा की शुरुआत पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विद्यालय के अध्यक्ष श्री मनीष अग्रवाल जी और व्यवस्थापक श्री किशोरी श्याम गोयल जी द्वारा भगवान शिव परिवार के विधिवत पूजन-अर्चन के साथ की गई। इस दौरान पूरी तरह भगवा वेशभूषा में सजे-धजे भैया-बहन अपने हाथों में कावड़ थामे हुए “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के गगनभेदी जयघोष करते हुए जब नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे, तो पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।
संस्कृति और संस्कारों का अनूठा संगम
भारतीय सनातन संस्कृति में कावड़ यात्रा को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान या यात्रा मात्र नहीं माना जाता, बल्कि यह श्रद्धा, गहरी आस्था, सेवा भाव, अनुशासन और सामूहिक एकता का एक जीवंत प्रतीक है। श्रावण मास के इस पवित्र महीने में शिवभक्त पवित्र नदियों का जल कावड़ में भरकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। विद्यालय प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को हमारी महान सनातन संस्कृति, प्राचीन परंपराओं और संस्कारों के प्रति जागरूक करना तथा उनमें सेवा, संयम, अनुशासन और अटूट श्रद्धा की भावना का विकास करना था।
इस कावड़ यात्रा में शामिल नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों का उत्साह देखते ही बनता था। यात्रा के पूरे मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर नन्हे कावड़ यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। विद्यालय के आचार्य और आचार्याओं के मार्गदर्शन में निकाली गई इस यात्रा में भक्ति के साथ-साथ अनुशासन और संस्कृति का बहुत ही सुंदर समन्वय देखने को मिला।
प्रबंध समिति और अभिभावकों का मिला सहयोग
इस भव्य आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री मनीष अग्रवाल जी, प्रबंधक श्री किशोरी श्याम गोयल जी, प्रधानाचार्य श्री अरविंद तिवारी जी के साथ-साथ सभी आचार्य-आचार्याओं और अभिभावकों ने अपनी अहम भूमिका निभाई।
विद्यालय की प्रबंध समिति ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों को उनकी मूल संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखना आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों के भीतर भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव, सामाजिक समरसता और नैतिक संस्कारों की नींव मजबूत होती है।
अंत में विद्यालय की मीडिया प्रभारी नेहा अग्रवाल की ओर से इस कावड़ यात्रा के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी अभिभावकों, स्थानीय श्रद्धालुओं और नगरवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
