आगरा: अधिक मास के परम पुण्यकाल के पावन अवसर पर ताजनगरी आगरा पूरी तरह से भगवान भोलेनाथ की भक्ति के रंग में रंग गई है। शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित होने जा रही भव्य ‘श्री शिव महापुराण कथा’ के शुभारंभ पर सोमवार को शहर में एक ऐतिहासिक और अलौकिक दृश्य देखने को मिला।
आगरा के इतिहास में पहली बार शहर के सात प्रमुख प्राचीन शिवालयों की दिव्य पालकियां एक साथ एक ही कलश यात्रा का हिस्सा बनीं, जिससे पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धा, अटूट विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर इस विराट आयोजन ने शहरवासियों को एक अभूतपूर्व धार्मिक अनुभूति कराई।
दक्षिण भारतीय वेशभूषा में 251 महिलाओं ने बिखेरी आस्था की छटा
इस भव्य कलश यात्रा का सबसे सुंदर और मनमोहक नजारा वह था, जब 251 महिलाएं दक्षिण भारतीय पारंपरिक वेशभूषा (साड़ी) धारण कर कतारबद्ध होकर निकलीं। महिलाओं ने अपने सिर पर पवित्र स्वर्ण कलश रखे हुए थे।
यात्रा के दौरान नासिक के प्रसिद्ध बैंड की गूंज, भगवान शिव के परिवार की भव्य सजीव झांकियां और झूमते-गाते शिवभक्तों के उत्साह ने सड़कों पर चल रहे आम राहगीरों को भी रोक दिया और पूरा मार्ग एक उत्सव में तब्दील हो गया।
चिंताहरण मंदिर से शुरू होकर लोहामंडी कथा स्थल पहुंची यात्रा
इस भव्य कलश यात्रा का विधिवत शुभारंभ सोमवार प्रातः जयपुर हाउस स्थित प्रसिद्ध चिंताहरण मंदिर से वैदिक पूजन के साथ हुआ। यहाँ से रवाना होकर यात्रा विभिन्न मुख्य मार्गों, चौराहों से गुजरती हुई महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामंडी स्थित मुख्य कथा स्थल पर संपन्न हुई। पूरे रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पलक-पावड़े बिछाकर और फूलों की भारी बारिश (पुष्पवर्षा) कर कलश यात्रा और पालकियों का जोरदार स्वागत किया।
सबसे बड़ा आकर्षण: सात प्रमुख शिवालयों की दिव्य पालकियां
आगरा के शिव भक्तों के लिए यह आयोजन किसी महापर्व से कम नहीं था, क्योंकि इसमें आगरा के रक्षक माने जाने वाले सातों कोनों के सप्त नाथ (शिवालयों) श्रीमनःकामेश्वर नाथ महादेव, राजेश्वर नाथ महादेव, रावली महादेव, पृथ्वीनाथ महादेव, कैलाश महादेव, वानखंडी महादेव, बल्केश्वर नाथ महादेव, के दिव्य स्वरूप की पालकियां एक साथ मौजूद थीं ।
इन सप्त शिवालयों की अलौकिक पालकियों के साथ-साथ पंडाल में स्थापित की गई द्वादश (12) ज्योतिर्लिंगों की विशेष झांकी भी भक्तों के आकर्षण और अगाध श्रद्धा का मुख्य केंद्र बनी रही।
23 मई तक चलेगी कथा, होंगे 201 रुद्राभिषेक
महापुराण के मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने बताया कि महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामंडी में 23 मई तक प्रतिदिन सायं 5:00 बजे से प्रभु इच्छा तक ‘श्री शिव महापुराण कथा’ का नियमित वाचन किया जाएगा। कथा व्यास पीठ से सुप्रसिद्ध कथावाचक मृदुल कांत शास्त्री श्रद्धालुओं को शिव महिमा का रसपान करा रहे हैं, जबकि याज्ञिकरत्न पंडित विष्णुकांत शास्त्री के आचार्यत्व में समस्त वैदिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं।
इस भव्य धार्मिक समागम के पहले ही दिन लोहामंडी क्षेत्र में शिव भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है, जिससे पूरा क्षेत्र अध्यात्म के रंग में डूबा हुआ नजर आ रहा है।


