​’अग्रबंधु’ के नाम पर लाखों का फर्जीवाड़ा? कमला नगर थाने में दर्ज एफआईआर के 11 महीने बाद भी गिरफ्तारी न होने पर समाजसेवियों में रोष

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समाज में घूम रहे चंदाखोर- बेईमान, अग्रवाल-वैश्य बंधु रहें सावधान

अग्रबंधु’ की आड़ में समाजसेवा के नाम पर लाखों रुपए का किया फर्जीवाड़ा, करते रहे चंदे का धंधा, अब भी समाज को ठगने का खेल जारी

दो पूर्व पार्षदों और वर्तमान पार्षदों सँग समाजसेवियों ने आरोपी चंदाखोर विष्णु कुमार उर्फ वीके अग्रवाल के विरुद्ध खोला मोर्चा

अग्रबंधुओं के नाम पर बनाई गई संस्था के फर्जी नवीनीकरण और झूठे शपथ पत्र के लिए कमला नगर थाने में पिछले वर्ष हुई एफआईआर, 11 महीने से चल रही जाँच

फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले समाजसेवियों ने जनहित में शीघ्र जाँच पूर्ण कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल में डालने की उठाई माँग

आगरा। समाज में घूम रहे चंदाखोर- बेईमान। अग्रवाल-वैश्य बंधु रहें सावधान.. इस ध्येय के साथ समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से बल्केश्वर क्षेत्र के दो पूर्व पार्षदों और वर्तमान पार्षदों सँग जागरूक समाजसेवियों द्वारा सोमवार को वाटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

बल्केश्वर स्थित इंदर एंक्लेव निवासी विष्णु कुमार उर्फ वीके अग्रवाल को चंदे का धंधा करने वाला बेईमान समाजसेवी करार देते हुए उन्होंने वीके अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

पूर्व पार्षद ‘तोती भाई’ ने किया खुलासा

पूर्व पार्षद ताराचंद मित्तल ‘तोती भाई’ ने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2004 में ‘श्री अग्रबंधु समन्वय समिति’ का पंजीकरण हुआ था। वीके अग्रवाल अध्यक्ष थे। कमेटी का कार्यालय 05, इंदर एन्क्लेव, बल्केश्वर स्थित इनके घर पर ही था। सारे प्रशासनिक और आर्थिक कार्य वीके अग्रवाल स्वयं ही देखते थे। संस्था का नवीनीकरण हर 5 वर्ष बाद होना था किंतु वीके अग्रवाल संस्था का बिना नवीनीकरण कराए ही अपना स्वार्थ हल करने के लिए संस्था को अवैध रूप से चलाते रहे, हर साल महाराजा अग्रसेन जयंती और अन्य सामाजिक आयोजनों के बहाने लाखों का चंदा करते रहे और अपनी जेबें भरते रहे।

उन्होंने बताया कि अपने कारनामों को जारी रखने के लिए वर्ष 2019 में वीके अग्रवाल ने स्वयं को महामंत्री दर्शाते हुए ‘श्री अग्रबंधु समन्वय समिति’ से ‘श्री’ हटाकर ‘अग्रबंधु समन्वय समिति’ के नाम से चुपचाप नया पंजीकरण करवा लिया। नई नियमावली बनाकर सारे अधिकार महामंत्री के रूप में अपने पास सुरक्षित रख लिए। समाज से चंदा लेने का धंधा जारी रहा।

धोखे से परिवर्तित संस्था का नवीनीकरण भी फर्जी: पूर्व पार्षद प्रकाश चंद्र अग्रवाल

पूर्व पार्षद प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में वीके अग्रवाल ने संस्थाध्यक्ष प्रकाश चंद्र अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर करके, उनका फर्जी शपथ पत्र लगाकर, फर्जी तरीके से परिवर्तित संस्था ‘अग्रबंधु समन्वय समिति’ का नवीनीकरण करवा लिया और इसकी भनक भी किसी को नहीं लगने दी। वीके अग्रवाल की गतिविधियों पर शक हुआ तो इनसे नियमावली और हिसाब माँगा गया किंतु उन्होंने यह सब देने से इनकार कर दिया। तब सबरजिस्ट्रार ऑफिस से संस्था के कागज निकलवाने पर वीके अग्रवाल द्वारा किया गया सारा हेरफेर और फर्जीवाड़ा सामने आ गया।

सब रजिस्ट्रार ने जांच में दोषी पाए जाने पर ‘अग्रबंधु समन्वय समिति’ को किया निरस्त

पूर्व पार्षद प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि सबरजिस्ट्रार ऑफिस में 31 जनवरी, 2025 को वीके अग्रवाल की शिकायत की गई। माननीय सब रजिस्ट्रार ने जांच बैठाई। जांच अधिकारी ने 9 जुलाई, 2025 को अपनी रिपोर्ट में विष्णु कुमार उर्फ वीके अग्रवाल को दोषी करार दिया। वीके अग्रवाल को दोषी पाते हुए धारा 12-डी के अंतर्गत सब रजिस्ट्रार ने 16 जुलाई 2025 को दिए गए आदेश में फर्जी तरीके से बनाई गई संस्था ‘अग्रबंधु समन्वय समिति’ को निरस्त कर दिया और वीके अग्रवाल के खिलाफ पुलिस कार्यवाही की संस्तुति कर दी।

एसीपी की जांच रिपोर्ट पर कमला नगर थाने में हुई एफआईआर: पार्षद हरिओम गोयल बाबा

पार्षद हरिओम गोयल बाबा ने बताया कि सब रजिस्ट्रार द्वारा पुलिस कार्यवाही की संस्तुति किए जाने के बाद पूर्व पार्षद प्रकाश चंद्र अग्रवाल और ताराचंद मित्तल द्वारा 7 अगस्त 2025 को पुलिस से शिकायत की गई। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी द्वारा जांच करवाई। एसीपी साहब की जांच रिपोर्ट के आधार पर कमला नगर थाने में 27 सितंबर 2025 को वीके अग्रवाल के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 में एफआईआर दर्ज की गई। पिछले 11 महीने से जाँच चल रही है।

समिति हुई निरस्त तो अपना उल्लू साधने के लिए बनाया ट्रस्ट: गिर्राज बंसल

समाजसेवी गिर्राज बंसल एवं रमन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जब सब रजिस्ट्रार ने अग्रबंधु समन्वय समिति को निरस्त कर दिया तो वीके अग्रवाल ने सदर तहसील जाकर ‘श्री अग्रबंधु सेवा ट्रस्ट’ के नाम से नया संगठन बना लिया और समाज में चंदे का गोरख धंधा फिर आरंभ कर दिया।

पुलिस करे गिरफ्तार, समाज करे बहिष्कार

रवि अग्रवाल और गोपाल दास अग्रवाल सहित उपस्थित समाजसेवियों ने पत्रकारों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों से शीघ्र जांच पूर्ण कर चंदे का गोरखधंधा करने वाले तथाकथित समाजसेवी वीके अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल में डालने और समाज से ऐसे बेईमान व्यक्ति का बहिष्कार करने की अपील की ताकि समाज के और लोग उसकी चालबाजी का शिकार न हो सकें।