लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिशन रोजगार’ को आगे बढ़ाते हुए आयुष, व्यावसायिक शिक्षा और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के 481 नव-चयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब व्यवस्था में योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं का प्रवेश होता है, तो कार्य की गति बढ़ती है, जिससे प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है।
रोजगार का रिकॉर्ड: 9 लाख से अधिक नियुक्तियां
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र प्रदान कर चुका है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पिछले मात्र 15 दिनों में नियुक्ति पत्र वितरण का यह चौथा बड़ा कार्यक्रम है। आज आयुष विभाग के प्रोफेसर, रीडर और स्टाफ नर्स के 202 पद, व्यावसायिक शिक्षा विभाग के 272 अनुदेशक और दिव्यांगजन विभाग के 7 कार्मिकों को नई जिम्मेदारी मिली है।
ग्रोथ इंजन बना उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती आर्थिक स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि यूपी अब ‘रेवेन्यू सरप्लस’ राज्य बन चुका है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया, “प्रदेश में उद्योगों की संख्या पिछले 9 वर्षों में 14,000 से बढ़कर 32,000 के पार हो गई है। अकेले पिछले साल 4,000 से अधिक बड़े उद्योग स्थापित हुए।” उन्होंने कहा कि यूपी आज सबसे अधिक एक्सप्रेस-वे, सबसे अधिक किसानों को प्रोत्साहन और सबसे अधिक नियुक्ति पत्र देने वाला राज्य बनकर उभरा है।
दिव्यांगजन और संवेदनशीलता पर जोर
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के कार्मिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगता किसी को भी प्रभावित कर सकती है, लेकिन एक संवेदनशील समाज के रूप में हमें उनकी प्रतिभा को मंच देना चाहिए। उन्होंने आयोगों और बोर्डों में तकनीक के उपयोग की सराहना की, जिससे भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार खत्म हुआ और किसी भी योग्य नौजवान के साथ अन्याय नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बन चुका है और सरकार का लक्ष्य हर योग्य हाथ को काम और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।

