UP चुनाव 2027: मायावती का बड़ा एलान— ‘एकला चलो रे’, गठबंधन की अटकलों को बताया ‘भ्रामक’, 2007 दोहराने का संकल्प

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। बुधवार को लखनऊ में एक अहम संबोधन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने गठबंधन की खबरों को विरोधियों की साजिश करार देते हुए कार्यकर्ताओं से ‘हाथी की मस्त चाल’ चलते हुए तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।

गठबंधन की खबरों पर कड़ा प्रहार

मायावती ने पिछले कई महीनों से चल रही गठबंधन की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “सियासी गलियारों में गठबंधन को लेकर जो ‘उल्टी खबरें’ फैलाई जा रही हैं, वे सिर्फ हमारे कैडर को भ्रमित करने की कोशिश हैं। बसपा का अनुभव रहा है कि गठबंधन में हमारा वोट तो ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन दूसरे दलों का वोट हमें नहीं मिलता। इसलिए अब पार्टी बिना किसी बैसाखी के मैदान में उतरेगी।”

‘अम्बेडकरवादियों’ से आत्मसम्मान की अपील

बसपा सुप्रीमो ने चुनावी बिगुल फूंकते हुए कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, षड्यंत्रकारी सक्रिय होंगे। उन्होंने पूरे देश के अम्बेडकरवादियों को एकजुट होने का संदेश देते हुए कहा कि बाबा साहेब के आत्म-सम्मान के आंदोलन को मजबूत करने के लिए 2007 वाला इतिहास दोहराना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर जाकर जनता को बसपा की नीतियों से जोड़ने का निर्देश दिया।

दिल्ली बंगले पर दी सफाई

दिल्ली में टाइप-8 बंगला आवंटित होने पर हो रही चर्चाओं पर मायावती ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “यह बंगला सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल के तहत आवंटित किया गया है। विरोधियों को नसीहत है कि वे इस पर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर राजनीति न करें।”

त्रिकोणीय होगा मुकाबला

मायावती के इस ऐलान ने यूपी की सियासत में हलचल तेज कर दी है। अब 2027 का मुकाबला भाजपा बनाम सपा-कांग्रेस गठबंधन बनाम बसपा के बीच त्रिकोणीय होने की संभावना है, जिससे कई सीटों पर पुराने समीकरण बदल सकते हैं।