​’अवादा भारत उदय यात्रा’: मुंबई की सड़कों पर गूंजा हरित ऊर्जा का संदेश, जन-आंदोलन बनी नवीकरणीय ऊर्जा की मुहिम

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मुंबई (अनिल बेदाग): भारत वर्तमान में एक ऐसे ऐतिहासिक ऊर्जा परिवर्तन के मुहाने पर खड़ा है, जहाँ स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य ही विकास की असली परिभाषा है। इस बड़े बदलाव को केवल नीतिगत फैसलों तक सीमित न रखकर इसे एक ‘जन-आंदोलन’ का रूप देने के लिए अवादा ग्रुप ने ‘अवादा भारत उदय यात्रा’ की शुरुआत की है।

नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति लोगों को जागरूक करने वाली यह अनूठी मुहिम नोएडा से निकलकर अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और नवी मुंबई के लोगों के बीच अपनी छाप छोड़ चुकी है।

मुंबई के वाशी और अंधेरी जैसे हलचल भरे इलाकों में यह यात्रा एक अलग ही ऊर्जा लेकर आई। नुक्कड़ नाटकों, प्रभावी संवाद सत्रों और ‘डिजिटल ग्रीन प्लेज’ जैसे नवाचारी कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा का संदेश आम आदमी की भाषा में पहुँचाया गया। इस अभियान का मूल उद्देश्य केवल सौर या पवन ऊर्जा के तकनीकी लाभ गिनाना नहीं है, बल्कि नागरिकों के दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को शामिल करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर अवादा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए हरित ऊर्जा ही भविष्य का एकमात्र विकल्प है। अवादा ग्रुप आज न केवल 17.7 गीगावाट से अधिक के विशाल नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो का संचालन कर रहा है, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन, एडवांस्ड एनर्जी स्टोरेज और सोलर मैन्युफैक्चरिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी भारत की धाक जमा रहा है। विनीत मित्तल के शब्दों में, उनका प्रयास मात्र ऊर्जा उत्पादन नहीं, बल्कि भारत के लिए एक टिकाऊ और हरित नींव तैयार करना है।

मुंबई में जागरूकता की मशाल जलाने के बाद, यह यात्रा अब पुणे की ओर अपने अगले पड़ाव पर निकल चुकी है। अवादा की यह पहल साबित कर रही है कि जब तकनीक और जन-भागीदारी मिलती है, तो हरित क्रांति का सपना हकीकत में बदलना बहुत आसान हो जाता है।