आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: डंपर से टकराई बस बनी आग का गोला, चालक जिंदा जला

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फिरोजाबाद: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक भीषण हादसे ने कोहराम मचा दिया। मटसैना थाना क्षेत्र में दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार एसी बस अनियंत्रित होकर सड़क पर खड़े डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और देखते ही देखते पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। इस दर्दनाक घटना में बस चालक शंभू की सीट पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि परिचालक समेत दो दर्जन से अधिक यात्री बुरी तरह झुलस गए हैं।

अंधेरे का ‘काल’ बनी डंपर की लापरवाही

कानपुर से दिल्ली जा रही बस में करीब 38 यात्री सवार थे। रात के करीब दो बजे मटसैना इलाके में एक डंपर अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया था और सड़क किनारे खड़ा था। रात के घने अंधेरे में बस चालक को डंपर दिखाई नहीं दिया और बस सीधे पीछे से टकरा गई। कंडक्टर के अनुसार, टक्कर के चंद सेकंड बाद ही बस में आग लग गई, जिससे बस के भीतर अफरा-तफरी मच गई।

​खिड़कियों से जान बचाकर कूदे यात्री

हादसे के बाद बस के अंदर धुआं भर गया और आग तेजी से फैलने लगी। घायल यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से बाहर छलांग लगाई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। फायर सर्विस की गाड़ियां समय पर पहुंच तो गईं, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग बुझाने के बाद जब टीम ने बस की जांच की, तो चालक शंभू का शव स्टेयरिंग से चिपका हुआ कंकाल के रूप में मिला, जिसे बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।

अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहे यात्री

घायलों को तत्काल फिरोजाबाद के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई यात्रियों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर डंपर खड़ा करने के लिए कौन जिम्मेदार था और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।

​एक्सप्रेसवे की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस अग्निकांड ने एक्सप्रेसवे के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि हाई-स्पीड लेन पर भारी वाहनों का खड़ा होना और पेट्रोलिंग टीमों की लापरवाही आखिर कब तक यात्रियों की जान लेती रहेगी? स्थानीय लोग और घायल यात्रियों के परिजन प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।