लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘पौधरोपण महाभियान-2026’ के ऐलान के साथ ही सूबे की राजनीति में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। सीएम योगी ने 12 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश भर में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस अभियान को ‘भ्रष्टारोपण’ करार देते हुए भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सीएम योगी ने जनप्रतिनिधियों से की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान सीएम योगी ने पिछले 9 वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में पौधरोपण अब एक जन-आंदोलन बन चुका है।
सीएम ने जानकारी दी कि 5 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) पर प्रदेश में पांच करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए थे। उन्होंने कहा, “विगत 9 वर्षों में प्रदेश में 247 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किए जा चुके हैं।” इसी क्रम में उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से 12 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को सफल बनाने की अपील की।
अखिलेश यादव का तीखा प्रहार
सीएम के इस अभियान पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा “नये पेड़ लगाने से पहले सुनो उनकी कहानी… जिन पेड़ों को लगाके कभी भी न दिया पानी… भाजपा के लिए ‘वृक्षारोपण’ दरअसल ‘भ्रष्टारोपण’ का कार्यक्रम है। ये 35 करोड़ पेड़ लगाने का नहीं, बल्कि प्रत्येक पेड़ से कम-से-कम 10 रुपये, मतलब कुल मिलाकर 350 करोड़ कमाने की गुप्त भाजपाई योजना है। जिन्होंने न छोड़ा प्रभु का दरबार… वो क्या छोड़ेंगे बगीचा और बाग…”
पर्यावरण बनाम भ्रष्टाचार का मुद्दा
जहाँ एक ओर योगी सरकार इस महाभियान को उत्तर प्रदेश को हरा-भरा और पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकारी धन की लूट का जरिया बता रहा है। अखिलेश यादव के इस बयान ने पौधरोपण जैसे जन-कल्याणकारी मुद्दे को अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल दिया है। फिलहाल, सत्तारूढ़ दल की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।


