​’राजनीति में कभी फुल स्टॉप नहीं होता….’ राज्यसभा से विदा हो रहे सांसदों को पीएम मोदी का भावुक संदेश, साझा की पुरानी यादें

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​नई दिल्ली: संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में बुधवार को एक बेहद भावुक और गरिमामय दृश्य देखने को मिला। कार्यकाल पूरा कर सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को विदाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक प्रेरक संबोधन दिया। पीएम मोदी ने लोकतंत्र की निरंतरता का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति कोई अंत नहीं, बल्कि एक सतत यात्रा है। उन्होंने सदस्यों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “राजनीति में कभी ‘फुल स्टॉप’ नहीं लगता; यहाँ राहें कभी खत्म नहीं होतीं और अनुभव कभी बेकार नहीं जाता।”

दिग्गज नेताओं के योगदान को किया नमन

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सदन के वरिष्ठतम सदस्यों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के विशाल अनुभव और संसदीय मर्यादा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। इसके साथ ही, पीएम ने शरद पवार की राजनीतिक दूरदर्शिता और दशकों लंबी सक्रियता का जिक्र करते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

​उपसभापति हरिवंश की निष्पक्षता का सम्मान

​सदन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उपसभापति हरिवंश जी की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी निष्पक्षता और सूझबूझ से सदन की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। पीएम ने कहा कि विदा हो रहे सदस्यों का ज्ञान और जमीनी अनुभव देश के लिए हमेशा मूल्यवान रहेगा, भले ही वे सदन के भीतर हों या बाहर।

​’अनुभवों को लिखें, आने वाली पीढ़ी को सिखाएं’

​प्रधानमंत्री ने सांसदों से एक विशेष अपील भी की। उन्होंने कहा, “आप भले ही आज इस सदन से विदा ले रहे हों, लेकिन आपका संसदीय जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जीवित पाठशाला है।” उन्होंने सदस्यों को सुझाव दिया कि वे अपने कार्यकाल के अनुभवों और संस्मरणों को लिपिबद्ध (लिखें) करें, ताकि भविष्य में चुनकर आने वाले नए सांसद उन अनुभवों से सीख सकें और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बना सकें।

​वापसी की उम्मीद और भविष्य की शुभकामनाएं

​पीएम मोदी ने विदाई की घड़ी में मुस्कुराहट बिखेरते हुए कहा कि कई सदस्य भविष्य में फिर से इस सदन का हिस्सा बनकर लौट सकते हैं। उन्होंने सभी निवर्तमान सांसदों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। सदन के अन्य सदस्यों ने भी मेजें थपथपाकर प्रधानमंत्री के विचारों का स्वागत किया और अपने सहयोगियों को भावभीनी विदाई दी।