उन्नाव: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने देश में चल रहे ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि यह पूरा आंदोलन किसी और के नहीं, बल्कि अमेरिकी अरबपति कारोबारी एलन मस्क के इशारे पर चलाया जा रहा है और इसके पीछे भारत की स्थिरता के खिलाफ एक बड़ी विदेशी साजिश रची जा रही है।
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक स्थानीय कार्यक्रम के दौरान मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “ये कोई मयस्क नाम का व्यापारी है अमेरिका में… नाम सुना है? तभी कोई जवाब देता है, एलन मस्क…।” इसके बाद पत्रकारों की पुष्टि पर उन्होंने आगे कहा, “हां-हां, वही है, ये आंदोलन उसी के इशारे पर हो रहा है।”
पूर्व सांसद का दावा है कि कुछ विदेशी उद्योगपति और कारोबारी भारत जैसे विशाल बाजार में अपनी मनमानी शर्तों पर व्यापार करना चाहते हैं। जब भारत सरकार या यहां की व्यवस्था उनकी मर्जी के मुताबिक काम नहीं करती है, तो इस प्रकार के आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को प्रायोजित करके हवा दी जाती है।
’सुप्रीम कोर्ट को डराने की हो रही है कोशिश’
बृजभूषण शरण सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए यह भी कहा कि इस तरह के प्रदर्शनों के जरिए देश की तुलना बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे अस्थिर देशों से करने की ओछी कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के इतिहास में यह पहली बार ऐसा मार्च निकाला जा रहा है जिसका मुख्य मकसद देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट को डराना और दबाव में लाना है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने पर सीधा प्रहार हैं और विदेशी ताकतें भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने तथा यहां आंतरिक अस्थिरता पैदा करने की ताक में लगी रहती हैं।
राजनीतिक गलियारों में छिड़ी नई बहस
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सोशल मीडिया के गलियारों में जोरदार चर्चा और बहस छिड़ गई है। जहां एक तरफ कई राजनीतिक विश्लेषक इसे कड़ा बयान मान रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि घरेलू स्तर पर उठने वाले राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को इस तरह सीधे अंतरराष्ट्रीय साजिश से जोड़ना उचित नहीं है।
बहरहाल, दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक गर्माए सियासी माहौल के बीच बृजभूषण सिंह का यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
