बलिया/अयोध्या: पश्चिम बंगाल के भावी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के तार अब उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से जुड़ गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने बलिया के एक प्रभावशाली और रसूखदार युवक राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद न केवल उत्तर प्रदेश और बंगाल के पुलिस महकमे में हलचल है, बल्कि सियासी गलियारों में भी हड़कंप मच गया है।
शादी समारोह से लौटते वक्त फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
राज सिंह की गिरफ्तारी की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म जैसी है। जानकारी के मुताबिक, राज सिंह लखनऊ में भाजपा के एक बड़े नेता की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने गया था। वहां से लौटते समय कोलकाता और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने उसकी घेराबंदी की। आखिरकार, अयोध्या में जाल बिछाकर पुलिस ने उसे उस वक्त दबोच लिया जब वह बेखौफ होकर वापस बलिया जा रहा था।
कौन है रसूखदार राज सिंह?
राज सिंह महज एक अपराधी नहीं, बल्कि बलिया की स्थानीय राजनीति और सामाजिक हलकों में एक जाना-पहचाना चेहरा है। वह वर्तमान में क्षत्रिय महासभा का महासचिव बताया जा रहा है। उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो पिता स्वर्गीय केशव सिंह के निधन के बाद उसकी माँ जामवंती सिंह बलिया डाकघर में कार्यरत हैं। राज सिंह का इतिहास पहले से ही दागदार रहा है; साल 2020 के बहुचर्चित अंडा व्यवसायी हत्याकांड में भी वह मुख्य आरोपी था और फिलहाल जमानत पर बाहर चल रहा था।
सियासी फोटो ने बढ़ाया बवाल
जैसे ही राज सिंह की गिरफ्तारी की खबर फैली, सोशल मीडिया पर उसकी कई तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। इन तस्वीरों में वह सत्ताधारी दल के कद्दावर मंत्रियों, विधायकों और रसूखदार नेताओं के साथ नजर आ रहा है। एक तरफ बंगाल में बड़े नेता के करीबी की हत्या और दूसरी तरफ आरोपी की भाजपा नेताओं के साथ नजदीकी ने विपक्षी दलों को हमलावर होने का मौका दे दिया है।
सुपारी नेटवर्क को खंगाल रही SIT
कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब राज सिंह को रिमांड पर लेकर यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस कत्ल की पटकथा किसने लिखी थी। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस हत्या की सुपारी किसने दी और इस खूनी साजिश में बलिया या बंगाल के कौन से रसूखदार सफेदपोश शामिल हैं। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि राज सिंह के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।

