प्रवर्तन निदेशालय ED ने बुधवार को तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी सेंथिलबालाजी को प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के तहत एक मामले में गिरफ़्तार कर लिया है.
18 घंटे चली पूछताछ के बाद सेंथिलबालाजी को गिरफ़्तार कर लिया गया, पूछताछ के दौरान उनकी तबियत बिगड़ने पर उन्हें शहर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन, स्वास्थ्य मंत्री एम सुब्रमण्यम और पीडब्ल्यूडी मंत्री ईवी वेलू अस्पताल में सेंथिलबालाजी से मिलने पहुंचे थे.
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि पार्टी क़ानूनी उपायों पर विचार करेगी और “बीजेपी की धमकी और दबाव के आगे नहीं झुकेगी.”
गिरफ़्तारी से पहले ईडी ने 13 जून को सेंथिलबालाजी के दफ़्तर, राज्य सचिवालय और उनसे जुड़ी कई जगहों पर पहले छापे मारे थे.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बीजेपी पर ईडी का इस्तेमाल कर पीछे के दरवाज़े से डराने का आरोप लगाया.
छापे की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “यह मायने नहीं रखता कि छापेमारी किस पर की गई, लेकिन यह मायने रखता है कि छापेमारी कहां की गई. सचिवालय में छापेमारी करना संघीय ढांचे के ख़िलाफ़ है.”
किस मामले में ईडी कर रही जांच
अब तक ईडी ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है. हालांकि माना जा रहा है कि उन्हें साल 2011-15 के बीच हुए कथित नौकरी घोटाले के मामले में हिरासत में लिया गया है. ये मनीलॉन्ड्रिंग का मामला उस समय हुआ जब सेंथिलबालाजी जयललिता सरकार में परिवहन मंत्री थे.
आरोप है कि महानगर परिवहन निगम में नौकरी के लिए रिश्वत मांगी गई थी.
Compiled: up18 News