आस्था की चौखट पर असुरक्षा: सामाजिक विश्वास और सांस्कृतिक चेतना पर सीधा आघात

भारत की सांस्कृतिक पहचान केवल उसके इतिहास, भाषाओं और परंपराओं से नहीं बनती, बल्कि उन आस्था-स्थलों से भी निर्मित होती है जिन्होंने सदियों से समाज को नैतिकता, सहअस्तित्व और सामुदायिक एकता का संदेश दिया है। मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं हैं; वे विश्वास, संस्कृति, लोकजीवन और सामाजिक सहभागिता के जीवंत केंद्र हैं। यहां लोग […]

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खुशी के टिकट पर मातम का सफर: मेलों में झूलों की ‘फिटनेस’ महज औपचारिकता या सिस्टम का बड़ा खेल?

हरियाणा के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में झूला टूटने की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारे यहाँ मनोरंजन भी जान जोखिम में डालकर ही किया जाता है। जिस मेले को संस्कृति, कला और पर्यटन का उत्सव कहा जाता है, वही मेला एक पल में चीखों, अफरातफरी और मातम में बदल गया। झूले […]

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