बंद दरवाजों के पीछे सिसकती बुजुर्गियत! रिश्तों की दूरी या बदलता समाज? भीड़ में अकेले पड़ते बुजुर्गों की बढ़ती दुनिया
आगरा में एक फ्लैट के भीतर कई दिनों तक सन्नाटा रहा। दरवाज़ा बंद, अंदर कोई हलचल नहीं। फिर अचानक उठती दुर्गंध ने पड़ोसियों को चौंकाया। दरवाज़ा खुला तो भीतर 78 वर्षीय रिटायर्ड इंजीनियर शैलेंद्र कुमार का शव मिला। पास ही दवाइयां, खाने के पैकेट और रोज़मर्रा का सामान रखा था। ज़िंदगी जैसे धीरे-धीरे चल रही […]
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