कब खुलेंगे बुंदेलखंड के घरों में लटके पलायन के जंग लगे ताले?

बुंदेलखंड, यह केवल एक नाम या क्षेत्र नहीं है, यह शौर्य और स्वाभिमान की वह धरती है जिसने रानी लक्ष्मीबाई जैसे वीरों को जन्म दिया। लेकिन आज जब हम इस माटी की ओर देखते हैं, तो समझ आता है कि वर्तमान में इस वीर धरा की सबसे बड़ी त्रासदी कोई युद्ध नहीं, बल्कि वह खामोश […]

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मंडल, कमंडल और मोदी युग: कैसे बदली 1977 से 2026 तक देश की राजनीतिक दिशा?

जून 1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू किया, तो उन्होंने अनजाने में भारतीय लोकतंत्र की उस नई नींव की आधारशिला रख दी थी, जिसने आने वाले पांच दशकों की राजनीति को परिभाषित करना था। 1977 का चुनाव महज एक मतदान नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की बहाली का जनादेश था, जिसने मोरारजी देसाई के […]

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रील से राष्ट्र-निर्माण: युवा भविष्य को किस दिशा में ले जा रहा बजट 2026?

केंद्रीय बजट 2026 ने भारत की युवा नीति, शिक्षा प्रणाली और कौशल विकास की दिशा को लेकर एक आवश्यक और स्वस्थ बहस को जन्म दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स की घोषणा, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल मीडिया जैसे उभरते क्षेत्रों में ट्रेनिंग, तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक में फेलोशिप, ये सभी संकेत […]

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​नारा या हकीकत? क्या 2047 की राजनीति भारत को दिला पाएगी वैश्विक गुरु का दर्जा?

जब भारत 2047 में स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे करेगा, तब वह केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव नहीं मना रहा होगा, बल्कि अपने अब तक के राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक सफ़र का गंभीर आत्म-मूल्यांकन भी कर रहा होगा। यह पड़ताल सिर्फ़ यह नहीं देखेगी कि देश ने कितनी आर्थिक तरक़्क़ी की, कितनी सड़कें बनीं […]

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एमपी विधानसभा चुनाव 2028: क्या ‘लाड़ली बहना’ और ‘किसान कल्याण’ फिर बनेंगे भाजपा का कवच?

भारतीय राजनीति इस समय लाभार्थी योजनाओं और गारंटी आधारित राजनीति के दौर से गुजर रही है। चुनावी विमर्श अब केवल विचारधारा, संगठन या भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे-सीधे इस सवाल पर टिक गया है कि आम नागरिक के जीवन में कौन-सी योजना कितना ठोस, निरंतर और भरोसेमंद लाभ पहुंचा रही है। मध्य प्रदेश […]

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