ताज महोत्सव: वैश्विक पर्यटन का सपना या महज एक स्थानीय मेला? पुनर्विचार की ज़रुरत

आगरा: 1992 में जिस ताज महोत्सव की नींव एक दूरदर्शी सोच के साथ रखी गई थी, आज वह अपने मूल उद्देश्यों से भटकता नजर आ रहा है। कभी इसे वैश्विक मंच पर हस्तशिल्पियों और कलाकारों को प्रमोट करने के लिए परिकल्पित किया गया था, लेकिन आज यह केवल आगरा के स्थानीय निवासियों के लिए एक […]

Continue Reading