झूठे मुकदमों का कारोबार और वकीलों की जवाबदेही: जब न्याय के प्रहरी ही अपराधी बन जाएँ, तो कानून की आस्था कैसे बचे?

झूठे मुकदमे केवल निर्दोषों को पीड़ा नहीं देते, बल्कि न्याय तंत्र की नींव को भी हिला देते हैं। जब वकील ही इस व्यापार में शामिल होते हैं तो वकालत की गरिमा और न्यायपालिका की विश्वसनीयता दोनों पर गहरा आघात होता है। ऐसे वकीलों पर आपराधिक मुकदमे चलना अनिवार्य है ताकि कानून का दुरुपयोग रोका जा […]

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पुलिस की जांच का हाल: जिसके कत्ल में बाप-भाई कैद काट रहे थे, वह जिंदा लौटकर आई!

हिंदुस्तान में पुलिस की जांच और अदालती इंसाफ के हाल के बारे में हम कई बार यहां लिखते हैं। मौत की सजा के खिलाफ लिखते हुए भी हमारा यही तर्क रहता है कि जहां पुलिस-जांच इतनी कमजोर हो, भ्रष्टाचार लबालब हो, अदालती व्यवस्था में ये दोनों ही खामियां एक साथ हों, वहां पर किसी गरीब […]

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