पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण: सांस्कृतिक संरक्षण से राष्ट्रीय पुनर्जागरण तक

भारत की प्राचीन पांडुलिपियाँ केवल कागज़ पर लिखे शब्द नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की आत्मा हैं। इनमें विज्ञान, चिकित्सा, दर्शन और कला का अनमोल खजाना है। उपेक्षा और उपनिवेशकाल की लूट ने इन्हें खतरे में डाल दिया। प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान कि पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण “बौद्धिक चोरी” को रोकेगा, समयानुकूल है। डिजिटलीकरण से संरक्षण, शोध […]

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विशाल रेत के टीलों के छोर पर बसा ये शहर पिछले 1,200 साल से दे रहा है मुसाफ़िरों को पनाह

मौरितानिया के विशाल रेत के टीलों के छोर पर बसा चिंगुएटी शहर पिछले 1,200 साल से मुसाफ़िरों को पनाह दे रहा है. सहारा रेगिस्तान के बीच इस नखलिस्तान शहर की स्थापना 8वीं सदी में हुई थी. जियारत के लिए मक्का जाने वाले तीर्थयात्रियों का कारवां यहां रुकता था. लाल पत्थरों वाला यह नखलिस्तान धीरे-धीरे पश्चिम […]

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