कोचिंग संस्कृति के चौराहे पर शिक्षा: क्या ज्ञान से ज्यादा बिक रहा है ब्रांड?

भारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में विशेष सम्मान प्राप्त रहा है क्योंकि वह केवल विषय ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण भी करता है। किंतु पिछले कुछ दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में जो परिवर्तन […]

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शिक्षा का बाज़ार और कोचिंग की बढ़ती निर्भरता: जब विद्यालय शिक्षण का केंद्र नहीं रहते, तो शिक्षा व्यापार बन जाती है…

हर तीसरा स्कूली छात्र प्राइवेट कोचिंग ले रहा है। शहरी परिवार औसतन 3988 रुपये सालाना कोचिंग पर खर्च कर रहे हैं। ग्रामीण परिवार औसतन 1793 रुपये सालाना खर्च करते हैं। विद्यालयों की शिक्षण गुणवत्ता कमजोर होने से अभिभावक मजबूर हैं। कोचिंग से शिक्षा असमानता और रटंत संस्कृति बढ़ रही है। आज शिक्षा का स्वरूप केवल […]

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Agra News: कोचिंग निर्भरता पर रोक की दिशा में बड़ा कदम, शिक्षा मंत्रालय की समिति का अप्सा ने किया स्वागत

आगरा। कोचिंग संस्थानों पर विद्यार्थियों की बढ़ती निर्भरता को कम करने और स्कूली शिक्षा को फिर से केंद्र में लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के निर्णय का असोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल्स ऑफ आगरा (अप्सा) ने स्वागत किया है। अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने इसे माध्यमिक शिक्षा के लिए संजीवनी बताया और […]

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