जमीन का संकटः थमती खेती, बढ़ता पलायन, खतरे में खाद्य सुरक्षा

एक हालिया अध्ययन से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। साल 2008 के बाद से वैश्विक भूमि की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, जबकि मध्य यूरोप में कीमतों में तीन गुना वृद्धि देखी जा रही है। जमीन की कीमतों में यह उछाल दुनिया भर में किसानों और ग्रामीण समुदायों पर भारी दबाव डाल रहा है। […]

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जलवायु कार्यवाही को पटरी पर रखने में ग्‍लोबल साउथ की भूमिका महत्‍वपूर्ण

दुनिया में चल रहे भू-राजनी‍तिक संघर्षों को देखते हुए जलवायु परिवर्तन पर ध्‍यान केन्द्रित रखना बेहद महत्‍वपूर्ण है। इस काम में ग्‍लोबल साउथ की भूमिका बहुत अहम है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले साल भारत में जी20 के बाद अगली जी21 की अध्यक्षता भी ग्‍लोबल साउथ के पास ही है। ऐसे में वह एजेंडा […]

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RE RTC से भारत के ऊर्जा संकट का स्थायी समाधान

विकसित दुनिया भले ही भारत पर जलवायु कार्यवाही को और प्रभावी बनाने की जुगत लगता रहे, लेकिन भारत सरकार की जलवायु परिवर्तन को लेकर संवेदनशीलता किसी से छिपी नहीं है. आज भारत जलवायु कार्यवाही के मामले में शीर्ष वैश्विक नेतृत्व भी बन के उभर रहा है. ऐसे में सरकार के रिन्यूबल एनेर्जी को तरजीह देने […]

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क्या असमान वार्मिंग के कारण कम दिनों में सिमट रहा है वसंत का मौसम

क्लाइमेट सेंट्रल (Climate Central) के एक नए विश्लेषण से भारत के सर्दियों के तापमान में एक चिंताजनक प्रवृत्ति का पता चलता है। जहां एक ओर पूरे देश में सर्दियाँ तो पहले से गर्म हो रही हैं, वहीं तापमान बढ़ने की दर, क्षेत्र, और महीने की बात करें तो उसमें एक जैसी प्रवृत्ति नहीं। इस असमान […]

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2023 से भी ज्यादा गर्म वर्ष रहेगा 2024, विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने जारी किया है अलर्ट

आज मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अरूण कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नेशनल प्रोग्राम फॉर क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ के अंतर्गत “जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य“ विषय पर अंतर्विभागीय कार्यशाला, विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर अंतर्विभागीय बैठक तथा मानसिक स्वास्थ्य हेतु संवेदीकरण विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सर्वप्रथम नेशनल प्रोग्राम फॉर क्लाइमेट […]

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बदलते, बिगड़ते मौसम पर लिखने वाले पत्रकारों को अधिक प्रशिक्षण की जरूरत

साल-दर-साल बढ़ती तपिश मीडिया के लिए भी खबरों का एक प्रमुख विषय बन चुकी है। एक अध्ययन के मुताबिक खास तौर पर भाषायी प्रकाशनों में काम कर रहे पत्रकारों को इस गूढ़ विषय के बारे में और प्रशिक्षित करने की जरूरत है। ब्रिटेन के स्कूल ऑफ़ जियोग्राफी एंड द एनवायरनमेंट के विशेषज्ञ जेम्स पेंटर, ऑस्ट्रेलिया […]

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जलवायु परिवर्तन की चेतावनी: उत्तराखंड में असमय खिल उठा बुरांश का फूल

पहाड़ों का गहना, उत्तराखंड का राजकीय फूल बुरांश, इस बार किसी उत्सव की सूचना नहीं, बल्कि खतरे की घंटी बजा रहा है. फरवरी में ही ये लाल रंग के शानदार फूल खिल गए हैं, जिसने पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. आमतौर पर ये फूल मार्च-अप्रैल में अपने पूरे रंग में खिलते […]

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जलवायु जागरूकता पर बनी एमिटी छात्रों की फिल्म ‘दी नेक्स्ट लेसन’ को मिला प्रथम पुरस्कार

धरती के वातावरण में पर्यावरण प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के करण होने वाले बदलाव अब खतरनाक रूप लेते जा रहे हैं। धरती पर जीवन फलता-फूलता रहे इसके लिए त्वरित प्रभावी प्रयास करने होंगे। क्लाइमेट चेंज पर जनजागरूकता के लिए प्रमुख जन संचार संस्थानों में से एक एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन (एएससीओ) और […]

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किसान अधिकार संरक्षण पर भारतीय कानून का अनुसरण कर सकती है दुनिया: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि पौधों की किस्मों और किसानों के अधिकारों के संरक्षण पर भारतीय कानून का पूरी दुनिया एक ‘मॉडल’ के रूप में अनुसरण कर सकती है क्योंकि जलवायु परिवर्तन संबंधी चुनौतियों के बीच इसका महत्व बढ़ा है। वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा……. किसानों के अधिकारों […]

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ब्रिटेन के PM सुनक का बड़ा ऐलान, ग्रीन क्लाइमेट फंड में देगा दो अरब डॉलर

भारत स्थित उच्चायोग ने एक बयान में बताया है कि कोपेनहेगन समझौते के बाद स्थापित ‘ग्रीन क्लाइमेट फंड (जीसीएफ)’ में ब्रिटेन दो अरब डॉलर का योगदान देगा. नई दिल्ली में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने शनिवार को कहा था कि उनका देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के […]

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