टाइटैनिक जहाज़ के मलबे तक पर्यटकों को ले जाने वाली पनडुब्बी एटलांटिक महासागर में रविवार से लापता है. पनडुब्बी में पायलट समेत पांच लोग हैं, जिसे खोजने के लिए बचाव अभियान चलाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि हर एक मिनट मायने रखता है क्योंकि पनडुब्बी में सीमित ऑक्सीजन बची है.
सोमवार शाम को अधिकारियों ने बताया, “हम अनुमान लगाते हैं कि उनके पास इस समय 70 से 96 घंटे तक की ऑक्सीजन उपलब्ध है.”
छोटी-छोटी पन्नडुबियां अक्सर पर्यटकों को टाइटैनिक के मलबे तक ले जाती रही हैं.
दुनिया का मशहूर जहाज़ टाइटैनिक 1912 में समुद्र में डूब गया है. उस हादसे में 1,500 से अधिक लोग मारे गए थे. टाइटैनिक पर कुल 2,200 लोग सवार थे.
अब इस जहाज़ का मलबा समुद्र तल पर 3,800 मीटर की गहराई पर है. ये मलबा कनाडा के समुद्र तट से कोई 600 किलोमीटर दूर है.
वर्ष 1985 में गर्क हुए टाइटैनिक का मलबा मिला था. अब ये मलबा ओशनगेट कंपनी का है जो इसे दिखाने के लिए लोगों को पनडुब्बी के जरिए ले जाती है. कंपनी आठ दिन के पैकेज के लिए प्रति व्यक्ति ढाई लाख डॉलर लेती है.
Compiled: up18 News

