यमुना एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का तांडव: 100 सवारियों से भरी डबल डेकर बस पलटी, शीशे तोड़कर बचाई गई यात्रियों की जान, 31 घायल

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मथुरा/आगरा: नोएडा-आगरा यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार की शाम एक हृदयविदारक हादसा होते-होते बचा। करीब 100 यात्रियों को लेकर बिहार जा रही एक अनियंत्रित डबल डेकर बस माइलस्टोन 76 (नौहझील क्षेत्र) पर सड़क के बीचों-बीच पलट गई। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई, लेकिन पुलिस और राहगीरों ने अदम्य साहस दिखाते हुए बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर सभी जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

शाम 7:36 बजे मचा कोहराम

​जानकारी के अनुसार, स्लीपर बस (नंबर BR02PC2291) नोएडा से बिहार के दरभंगा के लिए रवाना हुई थी। शाम करीब 7:36 बजे बस जैसे ही नौहझील थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 76 पर पहुँची, तेज रफ्तार के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई। एक्सप्रेसवे की पीआरवी 1877 ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

​31 यात्री घायल, स्थानीय लोगों ने भी की मदद

इस भीषण हादसे में करीब 31 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष नौहझील और बाजना कट चौकी प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। घायलों को तत्काल एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौहझील में भर्ती कराया गया।

शीशे तोड़कर किया गया रेस्क्यू

​बस पलटने के बाद दरवाजे लॉक हो गए थे, जिससे यात्री अंदर ही फंस गए थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पत्थरों और लोहे की रॉड से खिड़कियों के शीशे तोड़े और एक-एक कर बच्चों व महिलाओं सहित सभी 100 यात्रियों को बाहर निकाला। यात्रियों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

यातायात सुचारू, टला बड़ा खतरा

हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क किनारे करवाया और यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारू किया। राहत की बात यह रही कि बस में क्षमता से अधिक सवारियां होने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। सभी यात्री बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।