लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में गर्मी अब ‘प्रचंड’ रूप धारण कर चुकी है। शुक्रवार को बुंदेलखंड के झांसी जिले में सूरज की तपिश ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, झांसी में पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा, जो इस सीजन का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।
सड़कों पर सन्नाटा और ‘लू’ का पहरा
बढ़ते तापमान का असर अब जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। सुबह 10 बजते ही तेज धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं के कारण बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। लोग पसीने से तर-बतर हैं और गर्मी से बचने के जतन कर रहे हैं। वर्तमान में बांदा जिला प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहाँ तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह न केवल यूपी बल्कि देश के सबसे गर्म स्थानों में शुमार हो गया है।
प्रयागराज और आगरा का हाल
गर्मी की मार केवल बुंदेलखंड तक सीमित नहीं है। संगम नगरी प्रयागराज में पारा 43 डिग्री के करीब पहुँच गया है, जबकि आगरा और वाराणसी में तापमान 41.7 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ में भी स्थिति राहत भरी नहीं है, यहाँ लगातार तापमान 40 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। शुष्क हवाओं ने लोगों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है।
अगले 3 दिनों के लिए चेतावनी
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आने वाले दो-तीन दिनों में पारे में 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोत्तरी हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय न होने के चलते मैदानी इलाकों में शुष्क और गर्म पछुआ हवाएं चलेंगी, जिससे ‘लू’ (Heatwave) का खतरा और गहरा जाएगा।
डॉक्टरों की एडवायजरी
भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। लू से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों (जैसे ओआरएस, नींबू पानी, छाछ) का सेवन करें और सूती व ढीले कपड़े पहनें।

