लखनऊ। एक बड़े प्रशासनिक और पुलिसिया चूक का शिकार बने उत्तर प्रदेश के राज सिंह को आखिरकार कानूनी जद्दोजहद के बाद जेल से रिहाई मिल गई है। शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या से जुड़े मामले में कोलकाता पुलिस ने गलत पहचान के आधार पर राज सिंह को आरोपी मानकर गिरफ्तार कर लिया था, जिससे उनकी पूरी जिंदगी एक पल में बदल गई थी।
कैसे शुरू हुआ गलतियों का सिलसिला?
मामला तब उलझा जब पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान बक्सर से विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस का ध्यान सोशल मीडिया पर सक्रिय रील बनाने वाले राज सिंह की ओर गया और 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को पुख्ता शक था कि यही हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड है। लेकिन हकीकत तब सामने आई जब सीबीआई (CBI) ने इस मामले को अपने हाथ में लिया और मुजफ्फरनगर के छपार टोल से असली आरोपी राजकुमार सिंह को धर दबोचा। असली मुजरिम के पकड़े जाने के बाद ही राज सिंह की बेगुनाही पर लगी मोहर साफ हुई और उन्हें जेल से रिहा किया गया।
“अगर CBI नहीं आती तो हो जाता एनकाउंटर”
जेल से बाहर आते ही राज सिंह का दर्द छलका और उन्होंने उन भयावह दिनों को याद किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूछताछ के दौरान उन पर लगातार भारी दबाव बनाया जा रहा था। राज सिंह का दावा है, “अगर इस मामले में सीबीआई ने समय रहते हस्तक्षेप न किया होता, तो शायद मैं आज जीवित नहीं होता। मुझे लगातार डराया जा रहा था और ऐसा महसूस हो रहा था कि मैं किसी बड़ी साजिश का मोहरा बन गया हूं।”
सबूतों ने साबित की बेगुनाही
राज सिंह की बेगुनाही साबित करने में उनके परिवार द्वारा जुटाए गए तकनीकी सबूतों ने बड़ी भूमिका निभाई। परिवार ने घटना के समय के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और एक दुकान से खरीदे गए कुर्ते की रसीद पेश की, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि राज सिंह उस वक्त वहां मौजूद ही नहीं थे, जहाँ अपराध हुआ था।
निराशा और धन्यवाद का मिला-जुला भाव
अपनी आपबीती सुनाते हुए राज सिंह ने मीडिया और सीबीआई का विशेष आभार व्यक्त किया। हालांकि, उनके मन में एक टीस भी थी। उन्होंने कहा कि वे ‘क्षत्रिय महासभा’ के सदस्य हैं, लेकिन कठिन वक्त में उन्हें जिस सहयोग की उम्मीद थी, वह वहां से नहीं मिला। फिलहाल, कानून की जीत और सीबीआई की सक्रियता ने एक निर्दोष की जान बचा ली है, लेकिन यह मामला पुलिसिया जांच और गलत पहचान पर बड़े सवाल खड़े कर गया है।


