ओम प्रकाश राजभर के दावे पर तीखी प्रतिक्रिया: सपा सांसद सनातन पांडे बोले- ‘अपने दायरे में रहकर करें बात’

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी में टूट के भाजपा गठबंधन सहयोगी ओम प्रकाश राजभर के दावों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। राजभर ने दावा किया है कि सपा में जल्द ही बड़ी बगावत होने वाली है और पार्टी के बागी सांसद बलिया के एक नेता के नेतृत्व में अलग गुट बनाएंगे। राजभर का सीधा इशारा बलिया सांसद सनातन पांडे की ओर माना जा रहा है, जिस पर सनातन पांडे ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें करारा जवाब दिया है।

​बलिया के बागी तेवर का जिक्र कर किया पलटवार

​एक समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए सपा सांसद सनातन पांडे ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा, “जब देश अंग्रेजों की गुलामी में था, तब बलिया के मंगल पांडे ही वो पहले क्रांतिकारी थे जिन्होंने अंग्रेजों की नीतियों के खिलाफ बिगुल फूंका और देश के लिए शहादत दी।” उन्होंने याद दिलाया कि आजादी से पहले बलिया उन चुनिंदा जिलों में शामिल था जिसने खुद को आजाद घोषित कर दिया था।

​सनातन पांडे ने अपने तेवर स्पष्ट करते हुए कहा, “बलिया का हमेशा से बागी तेवर रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी भी इसी मिट्टी से निकले थे। मैं देश के लिए, गरीबों, शोषितों, किसानों और पिछड़ों के लिए हमेशा तैयार हूँ। संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को बचाने के लिए यदि मुझे अपनी जान भी देनी पड़े, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।”

​राजभर को नसीहत: “दायरे में रहकर करें बात”

​ओम प्रकाश राजभर के आरोपों को खारिज करते हुए सनातन पांडे ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कौन सा सांसद लोकतंत्र पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज उठा रहा है और कौन है जो भाजपा के कुकर्मों का जवाब देने के लिए इस्तीफा देने को तैयार है? पांडे ने कहा, “भाजपा विपक्ष की आवाज दबाने के लिए अपने मिशनरियों (सहयोगियों) का इस्तेमाल करती है, लेकिन यह साजिश ज्यादा दिन नहीं चलेगी। मैं ओम प्रकाश जी को यही सलाह दूंगा कि वे अपने दायरे में रहकर बात करें।”

​सियासी विवाद का केंद्र

गौरतलब है कि सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर लगातार समाजवादी पार्टी के भीतर फूट का दावा कर रहे हैं। राजभर का कहना है कि सपा के सांसद जल्द ही पाला बदल सकते हैं। राजभर और सनातन पांडे के बीच का यह वाकयुद्ध उत्तर प्रदेश की राजनीति में जारी आरोप-प्रत्यारोप की बढ़ती तपिश को दर्शाता है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष सपा में सेंधमारी का दावा कर रहा है, वहीं सपा सांसद अपनी विचारधारा और संविधान के प्रति दृढ़ता जताकर भाजपा को घेर रहे हैं।