प्रयागराज माघ मेला 2026: रुद्राक्ष ही वस्त्र और रुद्राक्ष ही शिव; जानें क्यों खास है मौनी बाबा का 11 फीट ऊंचा रुद्राक्ष शिवलिंग

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प्रयागराज। संगम की रेती पर आयोजित होने वाले माघ मेले में इस बार श्रद्धा और संकल्प का एक अभूतपूर्व संगम देखने को मिलेगा। सुप्रसिद्ध शिवभक्त मौनी बाबा (पीठाधीश्वर, श्री परमहंस सेवा आश्रम) ने राष्ट्र रक्षा और सनातन धर्म की मजबूती के लिए 11 फीट ऊंचे रुद्राक्ष शिवलिंग के निर्माण का संकल्प लिया है। इस विशाल शिवलिंग की स्थापना में कुल 5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष प्रयुक्त होंगे।

मकर संक्रांति से महाअनुष्ठान का शंखनाद

मौनी बाबा के शिविर में तैयारियां तेज हो गई हैं। मकर संक्रांति के पावन अवसर से अनुष्ठानों की श्रृंखला शुरू होगी, जिसमें 12 करोड़ 51 लाख महामंत्रों का जाप किया जाएगा। इसके साथ ही, शिविर में सवा 11 लाख दीप जलाए जाएंगे और 101 क्विंटल हवन सामग्री से लोक कल्याण हेतु महायज्ञ संपन्न होगा।

आतंकवाद के विनाश के लिए 11 हजार त्रिशूल

​इस धार्मिक आयोजन के पीछे गहरे सामाजिक और राष्ट्रीय संकल्प छिपे हैं। बाबा ने बताया कि यह अनुष्ठान आतंकवाद के समूल विनाश, काशी-मथुरा में भव्य मंदिर निर्माण, भ्रूण हत्या पर रोक और गंगा की निर्मलता के उद्देश्य से किया जा रहा है। विरोध और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में शिविर में 11 हजार काले त्रिशूल भी स्थापित किए जाएंगे।

कौन हैं मौनी बाबा?

अमेठी के रहने वाले मौनी बाबा अपनी विशिष्ट वेश-भूषा के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। सिर से लेकर आधे शरीर तक रुद्राक्ष की मालाएं धारण करना ही उनका मुख्य आभूषण और वस्त्र है। मेला प्रशासन द्वारा भूमि आवंटन के बाद अब उनका शिविर पूरी तरह सज चुका है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।