आगरा। ऐतिहासिक ताज महोत्सव के मुक्ता आकाशीय मंच पर सोमवार को पर्यटन और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर गंभीर मंथन हुआ। ताज प्रेस क्लब और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समिट का विषय था, “डिजिटल युग में टूरिज्म जर्नलिज्मः डेटा, डिस्कोर्स और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग।”
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री, भारत सरकार प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी तथा क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने की।
मंच पर टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़, पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान, होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा, पर्यटन उद्यमी अरुण डंग, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पर्यटन विभागाध्यक्ष डॉ. लवकुश मिश्रा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट के.सी. जैन और सोशल एक्टिविस्ट डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन दीपक जैन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रेस क्लब के महासचिव विवेक जैन ने दिया।
समिट में टूरिज्म इंडस्ट्री, होटल इंडस्ट्री, नेशनल चैंबर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सहित बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकार मौजूद रहे। ताज प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष अजेंद्र सिंह चौहान, सज्जन सागर, सचिव आलोक द्विवेदी, पीयूष शर्मा, अनिल राणा तथा कार्यकारिणी सदस्य जगत नारायण शर्मा, शीतल सिंह माया, शरद शर्मा, मनीष जैन, राजेश दुबे, राजेश शर्मा, जय सिंह वर्मा, एस.पी. सिंह, वीरेंद्र, इमल और फरहान खान भी उपस्थित रहे।
डेटा आधारित पत्रकारिता पर जोर
समिट में इस बात पर सहमति बनी कि डिजिटल दौर में पर्यटन पत्रकारिता अब केवल स्थलों के वर्णन तक सीमित नहीं है। इसमें डेटा एनालिसिस, विजिटर ट्रेंड, सोशल मीडिया नैरेटिव और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग की भूमिका बढ़ी है। वक्ताओं ने कहा कि अगर आगरा की छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है तो प्रमाणिक और शोध आधारित रिपोर्टिंग जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल: “सकारात्मक रिपोर्टिंग से मिलेगी नई दिशा”
केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में मीडिया की भूमिका निर्णायक है।
उन्होंने कहा, “डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जो सामग्री जाती है, वही दुनिया की धारणा बनाती है। आगरा की पहचान ताजमहल तक सीमित नहीं है। यहां का शिल्प, खानपान, इतिहास और लोकसंस्कृति भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। पत्रकार यदि तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर सकारात्मक और संतुलित रिपोर्टिंग करेंगे तो पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर काम कर रही है, ताकि देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे लाया जा सके।
पर्यटन केवल राजस्व नहीं, बल्कि रोजगार.. जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि आगरा प्रशासन पर्यटन को सतत विकास से जोड़कर देख रहा है।उन्होंने कहा, “पर्यटन केवल राजस्व नहीं, बल्कि रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा विषय है। हम डेटा मैनेजमेंट और विजिटर एनालिटिक्स के जरिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता और जिम्मेदार पर्यटन साथ-साथ चलेंगे तो ही शहर की छवि मजबूत होगी।
पत्रकारिता अब केवल फीचर स्टोरी नहीं अध्यक्ष मनोज मिश्रा
ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों को डिजिटल टूल्स और डेटा की समझ विकसित करनी होगी।
“पर्यटन पत्रकारिता अब केवल फीचर स्टोरी नहीं है। इसमें रिसर्च, ग्राउंड रिपोर्टिंग और विश्लेषण तीनों की जरूरत है। हमारा प्रयास है कि स्थानीय पत्रकारों को प्रशिक्षण और संवाद के जरिए नई दिशा दी जाए, ताकि आगरा की सकारात्मक छवि देश और दुनिया तक पहुंचे,” उन्होंने कहा।
पर्यटन से जुड़ी खबरों में अक्सर ठोस आंकड़ों की कमी पत्रकार आलोक द्विवेदी
प्रेस क्लब के सचिव आलोक द्विवेदी ने कहा कि सूचना की गति भले ही तेज हो गई हो, लेकिन विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। “पर्यटन से जुड़ी खबरों में अक्सर ठोस आंकड़ों की कमी दिखती है। हमें रिसर्च आधारित लेखन और तथ्यपरक विश्लेषण को प्राथमिकता देनी होगी। डेटा, अनुभव और मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन ही बेहतर पत्रकारिता की पहचान है।
समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर की ब्रांडिंग केवल स्मारकों से नहीं, बल्कि स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन, पर्यावरण संतुलन और डिजिटल उपस्थिति से भी तय होती है।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि अगर पत्रकारिता तथ्यपरक और दूरदर्शी होगी तो आगरा को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित किया जा सकता है।

