UP में निवेश और विकास की नई इबारत: सीएम योगी से मिलीं स्विस राजदूत माया तिसाफ़ी, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

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​लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और निवेश की संभावनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड की राजदूत माया तिसाफ़ी की मेजबानी की। इस उच्च स्तरीय मुलाकात को उत्तर प्रदेश और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक व रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सार्थक बातचीत और साझा विजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस शिष्टाचार भेंट के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने राजदूत माया तिसाफ़ी के साथ हुई चर्चा को “सार्थक और सकारात्मक” करार दिया। इस मुलाकात के दौरान स्विट्जरलैंड और उत्तर प्रदेश के बीच निवेश, उन्नत तकनीक और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

​मैत्रीपूर्ण संबंधों की ऐतिहासिक विरासत

भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्ते हमेशा से ही लोकतंत्र, कानून के शासन और आपसी विश्वास की नींव पर टिके रहे हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत 14 अगस्त 1948 को हुई थी, जब नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत की गुटनिरपेक्षता और स्विट्जरलैंड की तटस्थता की नीतियों ने इस साझेदारी को और अधिक मजबूती प्रदान की है।

निवेश और व्यापार को मिलेगी गति

राजदूत माया तिसाफ़ी की यह मुलाकात उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश (FDI) और व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिहाज से बेहद अहम है। योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश जिस तरह से ‘ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब’ के रूप में उभरा है, उसमें स्विस कंपनियों की भागीदारी विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकती है। यह बैठक भविष्य में औद्योगिक विकास, पर्यटन और कौशल विकास के क्षेत्रों में नए समझौतों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।