मुंबई (अनिल बेदाग) : कुछ कहानियाँ सिर्फ तालियों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वे दिलों में उतरकर प्रेरणा बन जाती हैं। अभिनेत्री से उद्यमी बनीं Alankrita Sahai की यात्रा भी ऐसी ही है, जहाँ कैमरे की चमक के साथ-साथ कड़ी मेहनत, जोखिम उठाने का साहस और सपनों को हकीकत में बदलने का जुनून साफ़ दिखाई देता है। वूमनप्रेन्योर इंडिया अवॉर्ड्स में मिला प्रतिष्ठित सम्मान उनके इसी बहुआयामी सफर पर लगी एक चमकदार मोहर के रूप में सामने आया है।
अपनी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अलंक्रिता सहाय ने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं को समर्पित है जो निडर होकर अपने सपनों का पीछा कर रही हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “यह पल मेरे लिए बेहद खास है, क्योंकि यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है। यह हर उस महिला के बारे में है, जो खुद पर विश्वास करती है और अपने जुनून को पूरा करने की हिम्मत रखती है।”
यह अवॉर्ड समारोह उन महिलाओं को सम्मानित करने के लिए जाना जाता है, जो सामाजिक और पेशेवर बाधाओं को तोड़ते हुए नवाचार, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। अलंक्रिता सहाय को न सिर्फ उनके अभिनय करियर, बल्कि उसके समानांतर एक संतुलित और सफल उद्यमी यात्रा के लिए भी सराहा गया, जो देशभर की युवा महिलाओं के लिए एक सशक्त प्रेरणा है।
सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और इंडस्ट्री से जुड़े साथियों ने उन्हें बधाइयों से सराबोर कर दिया। उनकी सफलता, संघर्ष और दृढ़ संकल्प से भरी यात्रा को लेकर जमकर प्रशंसा की गई। यह सम्मान अलंक्रिता सहाय के निरंतर विकसित होते करियर का एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ता है।
उनकी यह उपलब्धि इस बात की याद दिलाती है कि प्रतिभा, महत्वाकांक्षा और समर्पण जब एक साथ आते हैं, तो वे ऐसी कहानी रचते हैं जो न केवल जश्न मनाने योग्य होती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उज्ज्वल प्रेरणा भी बन जाती है।

