आगरा। मातृत्व है ईश्वर का महान वरदान। गर्भ संस्कार से पाइये दिव्य संतान… इस मनोभाव के साथ रविवार को प्रताप नगर स्थित गर्भाधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम परिसर में चित्रलेखा द विलेज आफ आर्ट सोसाइटी और श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित प्रकल्प गर्भाधान संस्कार होम के संयुक्त तत्वावधान में गर्भ संस्कार जैसे अनूठे विषय पर संभवत: विश्व की पहली पेंटिंग वर्कशॉप और चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
ललित कला संस्थान आगरा की पूर्व निदेशक और वर्तमान में मेवाड़ विश्वविद्यालय राजस्थान की महानिदेशक प्रो. डॉ. चित्रलेखा सिंह के निर्देशन में आगरा और बाहर के डॉ. त्रिलोक शर्मा, डॉ. मंजू बघेल, डॉ. मधु गौतम, डॉ. त्रिगुणातीत जैमिनी, कमलेश्वर शर्मा, नरेश कुमार, सौम्य देव मंडल, राहुल, विपिन उपाध्याय और सुदेश सहित 11 वरिष्ठ और उदीयमान चित्रकारों ने लाइव पेंटिंग बनाकर गर्भ संस्कार और मातृत्व चेतना का अनुपम संदेश दिया।
गर्भ संस्कार विषय पर ही आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के लिए ललित कला संस्थान, आगरा कॉलेज, संतराम कृष्णा कन्या महाविद्यालय, सेंट जॉन्स कॉलेज, बैकुंठी देवी और बीडी जैन गर्ल्स डिग्री कॉलेज सहित विभिन्न महाविद्यालयों से प्राप्त 100 से अधिक चित्र प्रविष्टियों की प्रदर्शनी भी सबके आकर्षण का केंद्र रही। यह प्रदर्शनी 2 और 3 फरवरी को भी प्रात: 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी।
समारोह के दौरान इस अनूठे आयोजन से संबंधित एक रंगीन ब्रोशर को जारी करते हुए डॉ. चित्रलेखा सिंह ने कहा कि जैसा बीज होता है, वैसा ही वृक्ष बनता है। माँ का गर्भ, गर्भस्थ शिशु के लिए प्रथम पाठशाला है। शिशु के मस्तिष्क का 80 फीसदी विकास गर्भ के अंदर ही होता है। इसलिए गर्भ संस्कार बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्य अतिथि, प्रमुख समाजसेवी वीडी अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा अग्रवाल (पुष्पांजलि ग्रुप) ने गर्भ संस्कार पर केंद्रित इस अनूठी पहल की भूरि भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम संयोजक सचिन गोयल, राजीव जैन और नूतन ज्योति ने सभी व्यवस्थाएंँ संभालीं। श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष एड. अशोक अग्रवाल, महामंत्री मनोज अग्रवाल, सुनील विकल, डॉ. सुनीता गर्ग, डॉ. सरोज भार्गव, वसंत गुप्ता एड., डॉ. कृशांश चौहान, डॉ. सुधा बंसल, शीला बहल, राजकुमार जैन, निधि विनय अग्रवाल, गिरीश कुमार अग्रवाल, नंद नंदन गर्ग, राजकुमार गर्ग, गुंजन अग्रवाल, सुमन सुराना, डॉ. पीयूष जैन, आशीष गर्ग, कुलदीप गहेटे और पूजा जैसवाल* भी प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

