लखीमपुर खीरी का मियांपुर अब कहलाएगा ‘रविंद्रनगर’, सीएम योगी ने बांग्लादेशी विस्थापितों को जमीन का मालिकाना हक सौंप रचा नया इतिहास

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लखीमपुर खीरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी के दौरे पर एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जिले के ‘मियांपुर’ गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्रनगर’ करने का ऐलान किया है। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नाम परिवर्तन विश्वकवि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के सम्मान में किया गया है।

पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले गांव की असली पहचान मिटाने के लिए इसका नाम मियांपुर रखा गया था, जबकि वास्तविकता यह है कि वहां कोई ‘मियां’ निवास नहीं करता। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ऐतिहासिक तथ्यों को पुनर्जीवित कर स्थानीय पहचान को सहेजने का काम कर रही है।

विकास की बयार: 213 परियोजनाओं की सौगात और विस्थापितों को न्याय

इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास हेतु 213 विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और ऐतिहासिक क्षण वह था जब मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए हिंदू परिवारों को उनकी जमीन के ‘संक्रमणीय’ और ‘असंक्रमणीय’ भूमिधरी अधिकार पत्र (मालिकाना हक) सौंपे। इसे “न्याय का ऐतिहासिक क्षण” बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि दशकों से अपने अधिकारों के लिए तरस रहे परिवारों को अब सम्मान और कानूनी स्वामित्व मिल गया है।

​थारू समुदाय को मिला हक: अब नहीं सताएगी पुलिस या वन विभाग

इतिहास में पहली बार थारू जनजाति को उनके वाजिब अधिकार देते हुए चंदन चौकी क्षेत्र के 4,356 थारू परिवारों को 5,338 हेक्टेयर जमीन का पट्टा वितरित किया गया। इसके साथ ही वर्ष 1955 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए 2,350 परिवारों को भी 4,251 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व दिया गया। मुख्यमंत्री ने इन समुदायों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें वन विभाग, राजस्व या पुलिस विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

​CAA पर विपक्ष को घेरा और पाकिस्तान का किया जिक्र

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विस्थापित परिवारों को आज जो अधिकार मिल रहे हैं, वे इसी कानून की देन हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने हमेशा इस कानून का विरोध कर विस्थापितों के हक में बाधा डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हिंदू और सिख समुदायों के मुद्दों पर मौन रहता है।

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों और 1971 के घटनाक्रमों की चर्चा करते हुए संकेत दिया कि क्षेत्रीय परिस्थितियों के कारण भविष्य में और भी बड़े बदलाव संभव हैं।

​डबल इंजन सरकार का संकल्प: न्याय और सम्मान

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ की सरकार पिछले नौ वर्षों से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। मियांपुर का नाम रविंद्रनगर करना, करोड़ों की विकास परियोजनाएं और भूमि अधिकारों का वितरण, सरकार के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के संकल्प को सिद्ध करता है। योगी आदित्यनाथ का यह दौरा प्रशासनिक सुधार और राजनीतिक संदेश, दोनों ही लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।