आगरा में 24 घंटे के भीतर ‘काम वाली बाई’ गिरफ्तार; अलमारी से उड़ाए थे 2.75 लाख और जेवरात

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आगरा: ताजनगरी में चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच आगरा पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई वारदातों का खुलासा किया है। इन दोनों ही मामलों में चौंकाने वाली बात महिला आरोपियों की संलिप्तता रही। पुलिस ने जहाँ एक घरेलू सहायिका को विश्वासघात के मामले में पकड़ा, वहीं बंद मकानों को निशाना बनाने वाले एक संगठित गिरोह की महिला सदस्य को भी सलाखों के पीछे पहुँचाया।

​लोहामंडी: भरोसे का खून और 24 घंटे में गिरफ्तारी

थाना लोहामंडी क्षेत्र में एक घर में काम करने वाली महिला ने मालिक के विश्वास का फायदा उठाकर बड़ी चोरी को अंजाम दिया। अलमारी खुली देख महिला की नीयत डोल गई और उसने 2.75 लाख रुपये नकद, सोने का ब्रेसलेट और बच्चे के कड़े पार कर दिए। काम वाली के जाने के बाद जब परिजनों ने सामान गायब देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लोहामंडी पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए महज 24 घंटे के अंदर आरोपी महिला को दबोच लिया और शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की।

​ट्रांस यमुना: सुनसान मकानों पर महिला चोर की नजर

दूसरी घटना थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की है, जहाँ 7 मार्च को एक परिवार अपनी बेटी के मुंडन संस्कार के लिए गौतमबुद्ध नगर गया था। पीछे से खाली घर देखकर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने इस मामले में शाह हॉस्पिटल के पास से एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि यह महिला ‘मोनू’ नाम के शख्स और एक बाल अपचारी के साथ मिलकर काम करती थी। महिला का काम चोरी का सामान ठिकाने लगाना और अपना हिस्सा काटकर बाकी रकम गिरोह तक पहुँचाना था। यह गिरोह विशेष रूप से उन मकानों की रेकी करता था, जहाँ ताले लटके होते थे।

​अपराध का बदलता पैटर्न

इन दोनों खुलासों ने आगरा पुलिस की सक्रियता को तो साबित किया है, लेकिन साथ ही समाज के लिए एक चेतावनी भी दी है। अब चोर गिरोहों में महिलाओं का इस्तेमाल बढ़ रहा है ताकि किसी को शक न हो। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि घरों में काम करने वालों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं और लंबे समय के लिए बाहर जाते समय विशेष सतर्कता बरतें।