विधानसभा घेराव के दौरान ‘रणक्षेत्र’ बना लखनऊ: पुलिस और कांग्रेसियों के बीच धक्का मुक्की, अजय राय बोले— ‘बुलडोजर से नहीं चलती सरकार’

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। मनरेगा और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में विधानसभा घेरने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया।

बैरिकेड्स पर चढ़े दिग्गज, पुलिस से तीखी झड़प

सुबह 11 बजे कांग्रेस मुख्यालय से विधानसभा की ओर मार्च शुरू हुआ। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ और विधायक वीरेंद्र चौधरी जैसे बड़े नेताओं की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं का हुजूम सड़कों पर उतर आया। संकल्प चौराहे के पास पुलिस ने भारी घेराबंदी की थी। अजय राय और अन्य नेता जब बैरिकेड्स फांदने लगे, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और दर्जनों कार्यकर्ताओं को बस में भरकर इको गार्डन भेज दिया।

सरकार पर बरसे अजय राय: ‘बुलडोजर और खौफ से नहीं चलती सरकारें’

हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने योगी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “यह बैरिकेडिंग हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र में डंडे के जोर पर हुकूमत नहीं की जा सकती। सरकारें प्यार और भरोसे से चलती हैं, बुलडोजर और खौफ से नहीं।” राय ने बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे पर भी युवाओं के प्रति चिंता जताई और कहा कि यह हक की लड़ाई है, जो रुकने वाली नहीं है।

नजरबंद किए गए नेता, फिर भी उमड़ा जनसैलाब

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने प्रदर्शन को विफल करने के लिए रात से ही कई जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को घरों में नजरबंद कर दिया था। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एक दिन पहले ही लखनऊ पहुंच गए थे और रात पार्टी कार्यालय में गुजारी। आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है और अपराधियों को संरक्षण दे रही है।