भारत की दुनिया में प्रतिष्ठा है, हमें मुश्किल परिस्थितियों में दूसरों की मदद करनी होगी: जयशंकर

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जयशंकर बोले, पड़ोस में हो रहीं गलत चीजों से मुंह नहीं फेर सकते

डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि ‘भारत की बढ़ती क्षमता, हमारे अपने हित और हमारी प्रतिष्ठा की वजह से हमें मुश्किल परिस्थितियों में दूसरों की मदद करनी ही होगी।’ विदेश मंत्री ने कहा कि ‘अगर हमारे पड़ोस में बुरी चीजें हो रही हैं और हम कहें कि हम इसमें कुछ नहीं कर सकते तो ऐसे में हमें जिम्मेदार देश नहीं समझा जाएगा।’ हाल के समय में भारतीय नौसेना ने व्यापारिक जहाज का अपहरण करने के समुद्री लुटेरों के प्रयासों को कई बार नाकाम किया है। हाल ही में ईरान का झंडा लगे एक जहाज को भी भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट पर समुद्री लुटेरों से बचाया है। इस जहाज के क्रू सदस्यों में 19 पाकिस्तानी शामिल थे।

नौसेना ने तैनात किए 10 युद्धक जहाज

अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग रूट पर इस्राइल हमास युद्ध के बाद से हमले बढ़े हैं। यही वजह है कि नौसेना ने लाल सागर और अरब सागर के इलाके में अपने 10 युद्धक जहाज तैनात कर रखे हैं। बीते दिनों ब्रिटेन का झंडा लगे एक व्यापारिक जहाज की भी नौसेना ने मदद की थी, जब जहाज पर हूती विद्रोहियों ने मिसाइल से हमला किया था। मालदीव में चल रहे ‘इंडिया आउट’ कैंपेन पर विदेश मंत्री ने कहा कि ‘आखिर में पड़ोसियों को एक दूसरे की मदद पड़ती ही है। इतिहास और भूगोल बहुत ताकतवर ताकतें हैं और कोई भी इनसे नहीं बच सकता।’

विदेश मंत्री ने कहा कि ‘भारतीय नौसेना ने लाल सागर और अरब सागर के क्षेत्र में 10 युद्धक जहाजों को तैनात किया हुआ है क्योंकि वहां हमें दो समस्याओं एक समुद्री लुटेरे और दूसरी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है। हाल के दिनों में हमारे जहाजों ने एक जहाज की आग बुझाने में मदद की और क्रू सदस्यों को बचाया। आज हम जो कर रहे हैं, उससे लोग हमें ज्यादा इज्जत देते हैं और हमें दोस्त समझते हैं।’

चीन को लेकर बोले विदेश मंत्री, वैश्विक राजनीति एक प्रतिस्पर्धा का खेल

विदेश मंत्री ने कहा कि ‘चीन हमारा पड़ोसी देश है और कई मामलों जैसे प्रतिस्पर्धा और प्रभाव के मामले में हमें चीन से नहीं डरना चाहिए। हमें समझना चाहिए कि वैश्विक राजनीति एक प्रतिस्पर्धा का खेल है..आप अपनी कोशिश कीजिए और हम अपने प्रयास करेंगे। चीन एक बड़ी अर्थव्यवस्था है। वह चीजों को अपने हिसाब से ढालने की कोशिश करेगा इसलिए हमें इस बात की चिंता छोड़कर कि चीन क्या कर रहा है, इस पर फोकस करना चाहिए कि हम खुद कैसे बेहतर करें।’

-एजेंसी