2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: वित्त मंत्री

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उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत को प्रभावित करने वाले समकालीन संघर्षों के कारण आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और आर्थिक अशांति के बीच, चाहे वे अपेक्षाकृत दूर यूक्रेन में हो या अपेक्षाकृत निकट इस्राइल या यमन में, और दक्षिण और पूर्वी चीन सागर में व्याप्त तनाव के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था एक उज्ज्वल स्थान पर खड़ी है।

वित्त मंत्री ने कहा, “आईएमएफ के आम तौर पर रूढ़िवादी अनुमानों के अनुसार भी भारतीय अर्थव्यवस्था 2027 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने के लिए तैयार है, क्योंकि इसकी जीडीपी पांच ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गई है। 2047 तक भारत एक विकसित अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। भारत की ‘ब्लू इकोनॉमी’ के बारे में उन्होंने कहा कि यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग चार प्रतिशत है और यहां बड़े पैमाने पर अवसर मौजूद हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के तटों पर 9 राज्य और 4 केंद्र शासित प्रदेश स्थित हैं, इसकी तटरेखा के साथ 12 प्रमुख व 200+ गैर-प्रमुख बंदरगाह स्थित हैं। भारत के पास अंतरराष्ट्रीय और घरेलू व्यापार के लिए नौगम्य जलमार्गों का एक विशाल नेटवर्क है। अंकटाड के अनुसार, भारत 2020 में विकासशील देशों के बीच महासागर आधारित वस्तुओं और सेवाओं का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक था।

सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि हिंद-प्रशांत निस्संदेह दुनिया का सबसे आर्थिक रूप से गतिशील क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि इसमें वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 60 प्रतिशत और वैश्विक व्यापारिक व्यापार का करीब 50 प्रतिशत शामिल है। मंत्री ने कहा कि दूसरी ओर हिंद-प्रशांत भी एक भू-राजनीतिक रूप से विवादित क्षेत्र है, जो बड़ी ताकतों में प्रतिस्पर्धा से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत अपनी आर्थिक वृद्धि को तेज कर रहा है और अपनी विशाल जनता का उत्थान कर रहा है, उन्हें गरीबी से समृद्धि की ओर ले जा रहा है, वह अपनी व्यापक राष्ट्रीय ताकत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना कद बढ़ा रहा है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘आज भारतीय चाहे देश में हों या विदेश में सिर ऊंचा करके खड़े होते हैं, चलते हैं, बात करते हैं और काम करते हैं… दुनिया भारत की उपलब्धियों तथा सफलताओं की सराहना करती है और कई संकट के बीच उसकी जुझारू क्षमता की सराहना की जाती है…’’ उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय निर्यात के मामले में भारत की वैश्विक रैंकिंग 2014 में 44वें स्थान से बढ़कर 2023 में 22वें स्थान पर पहुंच गई है।”

सीतारमण ने कहा कि इसी तरह विश्व बैंक की लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक रिपोर्ट 2023 के अनुसार, भारतीय बंदरगाहों का टर्न-अराउंड टाइम (एक जहाज के किसी स्थान पर जाने और वहां से वापस आने का समय) अब केवल 0.9 दिन है, जो सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण अफ्रीका जैसे स्थापित समुद्री केंद्रों के बंदरगाहों से कम है।

Compiled: up18 News