आगरा: होटल क्लार्क्स शिराज में शनिवार को ‘चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ द्वारा एक भव्य आयकर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस मेगा सेमिनार में शहर के तमाम उद्योगपतियों और व्यापारियों ने हिस्सा लिया और आयकर अधिनियम-2025, डिजिटल कर प्रणाली, विभागीय नोटिसों का जवाब देने की विधि और सर्च-सर्वे की कार्रवाई जैसे जटिल विषयों पर विशेषज्ञों से व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
कानून का ज्ञान ही सुरक्षा: मनोज बंसल
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि इस आयोजन का एकमात्र उद्देश्य व्यापारियों को नई कर व्यवस्था से रूबरू कराना है ताकि वे बिना किसी भय या भ्रम के अपने व्यवसाय का संचालन कर सकें। पूर्व अध्यक्ष अनिल वर्मा ने आयकर प्रकोष्ठ के माध्यम से इस पहल को व्यापारियों के लिए मील का पत्थर बताया। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राजबब्बर ने कहा कि चैम्बर का यह प्रयास सदैव व्यापारियों को सही दिशा देने वाला होता है।
नोटिस का सामना कैसे करें?
मुख्य वक्ता डॉ. कपिल गोयल ने करदाताओं के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक का उद्देश्य कर प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। उन्होंने बताया कि आयकर नोटिस का उत्तर देते समय घबराने के बजाय तथ्यों को समयबद्ध और तर्कसंगत तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद-265 का उल्लेख करते हुए जोर दिया कि कराधान की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी दायरे में होनी चाहिए।
सर्च और सर्वे: क्या हैं आपके अधिकार?
वक्ता श्रीमती रानो जैन ने सर्च (छापेमारी) की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्च के दौरान अधिकारियों का सहयोग करना करदाता का कर्तव्य है, लेकिन अपनी वस्तुओं की सुरक्षा और पंचनामा की प्रति प्राप्त करना उसका कानूनी अधिकार है। उन्होंने महिलाओं और पुरुषों के पास रहने वाले स्वर्ण आभूषणों के संबंध में लागू सरकारी दिशा-निर्देशों के बारे में भी विस्तार से बताया।
प्रश्नोत्तर सत्र में मिली स्पष्टता
सेमिनार के दौरान एक विशेष प्रश्नोत्तर सत्र रखा गया, जिसमें उपस्थित उद्योगपतियों ने अपनी निजी कर संबंधी जिज्ञासाओं को विशेषज्ञों के समक्ष रखा। विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सटीक समाधानों ने उपस्थित व्यापारियों में आत्मविश्वास पैदा किया।टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकिशोर खंडेलवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर चैम्बर के उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष के.के. पालीवाल और राजकुमार अग्रवाल समेत शहर के प्रमुख व्यापारी और सीए बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह सेमिनार व्यापारियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक साबित हुआ, बल्कि कर अनुपालन की दिशा में एक बड़ी मदद भी बना।


