रायबरेली: किसान मौत मामले में विधायक पल्लवी पटेल के तीखे तेवर, SP को फोन पर दी चेतावनी— 15 दिन में गिरफ्तारी नहीं तो कार्यालय आकर करूंगी बात

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रायबरेली (जगतपुर): उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के छिछोरा गांव में किसान सुरेश पटेल की मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को अपना दल (कमेरावादी) की नेता और सिराथू विधायक पल्लवी पटेल पीड़ित परिवार से मिलने छिछोरा गांव पहुंचीं। पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज विधायक ने मौके से ही पुलिस अधीक्षक (SP) को फोन लगाकर बात की।

पीड़ित परिवार का छलका दर्द, विधायक ने बंधाया ढांढस

विधायक पल्लवी पटेल ने मृतक किसान सुरेश पटेल की पत्नी फूलमती और अन्य परिजनों से मुलाकात की। परिजनों ने आरोप लगाया कि 19 मार्च को हुई इस घटना के बाद पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय ‘क्रॉस एफआईआर’ में नाबालिगों के नाम डालकर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। विधायक ने पत्नी फूलमती को ढांढस बंधाते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

​SP से फोन पर तीखी नोकझोंक: “विवेचना के नाम पर देरी क्यों?”

​विधायक ने गांव से ही एसपी रवि कुमार को सीयूजी नंबर पर कॉल किया और पूछा कि BNS 108 (गैर इरादतन हत्या) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम क्यों घूम रहे हैं? जब एसपी ने ‘जल्द गिरफ्तारी’ और ‘विवेचना जारी है’ कहकर फोन काटना चाहा, तो पल्लवी पटेल ने सख्त लहजे में कहा कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास न करे।

​15 दिन का अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी

​पल्लवी पटेल ने एसपी को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर सभी पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की गई, तो वह रायबरेली एसपी कार्यालय पहुंचकर सीधे बात करेंगी। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे चुप नहीं बैठेंगी और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

जगतपुर थाना क्षेत्र के छिछोरा गांव में 19 मार्च को किसान सुरेश पटेल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में गांव के ही पांच लोगों को नामजद किया गया था। परिजनों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल रही है और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।