आगरा: ताजनगरी के हृदय स्थल और आस्था के प्रमुख केंद्र श्री मनकामेश्वर मंदिर में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अध्याय जुड़ा। मंदिर के श्री महंत योगेश पुरी के सानिध्य में चांदी से निर्मित 11 रुद्र अखंड ज्योतियों के रजतावरण का जीर्णोद्धार और प्रज्वलन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ।
देश का इकलौता मंदिर जहाँ 11 अखंड ‘रजत’ ज्योतियां
श्री महंत योगेश पुरी ने बताया कि यह गौरवशाली कार्य 27 पीढ़ियों के गुरुजनों के आशीर्वाद का परिणाम है। आज पूरे भारत में श्री मनकामेश्वर मंदिर एकमात्र ऐसा शिवालय है, जहाँ 11 रुद्र अखंड ज्योतियां रजतावरण (चांदी के स्वरूप) में निरंतर प्रज्वलित हैं। ये 11 ज्योतियां द्वादश ज्योतिर्लिंगों का प्रतीक हैं, जिनमें 12वें स्वयं बाबा मनकामेश्वर विराजमान हैं।
सैकड़ों वर्षों से अनवरत साधना
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि ये अखंड ज्योतियां सदियों से बिना रुके प्रज्वलित हैं। यहाँ तक कि कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में भी बाबा की लौ अखंड रही। मान्यता है कि शारीरिक, मानसिक या आर्थिक कष्ट होने पर यहाँ दीप प्रज्वलन का संकल्प लेने से बाबा भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।
2028 का भव्य संकल्प: 200 किलो चांदी का आवरण
मंदिर प्रशासन ने भविष्य की भव्य योजना का भी खुलासा किया। पिछले वर्ष बाबा को 100 किलो चांदी का भव्य द्वार समर्पित करने के बाद, अब वर्ष 2028 में मुख्य शिवलिंग के लिए 200 किलोग्राम चांदी का नया आवरण तैयार कराया जाएगा। माघ पूर्णिमा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दीपदान कर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण को शिवमय बना दिया।

