आगरा। आगरा स्थित ऐतिहासिक ताजमहल परिसर में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा किए जाने को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने कड़ा विरोध जताया है। विरोध-प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस-प्रशासन ने सुबह से ही सतर्कता बरतते हुए संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनके आवासों पर नजरबंद कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
अखिल भारत हिंदू महासभा ने ताजमहल परिसर में नमाज का विरोध करने की घोषणा की थी। जिला अध्यक्ष मीरा राठौर और अन्य पदाधिकारियों ने प्रशासन की नीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि हिंदू त्योहारों जैसे महाशिवरात्रि पर ताजमहल में श्रद्धालुओं के लिए विशेष छूट नहीं दी जाती, तो फिर ईद की नमाज के लिए परिसर को तीन घंटे तक निःशुल्क क्यों किया जाता है? संगठन ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए भविष्य में ‘ताजमहल शुद्धिकरण’ अभियान चलाने की चेतावनी दी है।
पुलिस की सक्रियता और नजरबंदी
विरोध को देखते हुए शाहगंज सहित शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने महानगर अध्यक्ष विशाल कुमार को शाहगंज स्थित उनके घर पर ही निगरानी में रखा। इसके अलावा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नीतू ठाकुर, निशा ठाकुर समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया ताकि शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित न हो।
नारेबाजी और सख्त सुरक्षा
पुलिस की कड़ी निगरानी और बैरिकेडिंग के बावजूद कार्यकर्ताओं ने अपने घरों और निर्धारित स्थानों पर एकत्र होकर “बम-बम भोले” और “जय श्रीराम” के नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे ताजमहल में नमाज के पूरी तरह खिलाफ हैं।
पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि शहर में कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दिनभर चले इस घटनाक्रम के कारण ताजमहल के आसपास का इलाका छावनी में तब्दील रहा।


