लखनऊ: उत्तर प्रदेश को शिक्षा का बड़ा हब बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के एक अहम प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इस निर्णय के तहत अब ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के अंतर्गत ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ (Metro University) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
26 एकड़ में फैलेगा ज्ञान का नया केंद्र
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह मंजूरी ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019’ के कड़े मानकों के तहत दी गई है।
उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सनहिल हेल्थकेयर प्रा. लि., नोएडा द्वारा धरातल पर उतारा जा रहा है। संस्था को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर इस अत्याधुनिक विश्वविद्यालय का निर्माण किया जाएगा।
विधायी प्रक्रिया और संचालन की तैयारी
विश्वविद्यालय के विधिवत संचालन के लिए सरकार ने विधिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019’ की अनुसूची में बदलाव किया जाएगा और ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को प्रख्यापित (Promulgate) किया जाएगा। कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण होते ही प्रायोजक संस्था को विश्वविद्यालय के संचालन का आधिकारिक अधिकार-पत्र (LOA) सौंप दिया जाएगा।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगारपरक शिक्षा के द्वार
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जोर देकर कहा कि योगी सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर संकल्पित है। मेट्रो विश्वविद्यालय के आने से न केवल प्रदेश में शिक्षण सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि यहाँ के युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा भी मिल सकेगी।
सरकार का लक्ष्य ऐसी संस्थाओं को बढ़ावा देना है जो शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास (Skill Development) पर ध्यान केंद्रित करें, ताकि प्रदेश के छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।


