गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। ताजनगरी और राजधानी के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर को एक भव्य इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की सौगात मिल गई है। गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर स्थित ताल नदोर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया। लगभग ₹393 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाला यह स्टेडियम मुख्यमंत्री के सबसे पसंदीदा ‘ड्रीम प्रोजेक्ट्स’ में शामिल है।
केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों का लगा जमावड़ा, रवि किशन ने किया ‘कार पूल’
इस ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह के मंच पर कूटनीतिक और राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव उपस्थित रहे। समारोह में हिस्सा लेने से पहले केंद्रीय मंत्री पुरी ने बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया।
वहीं, कार्यक्रम का एक और मुख्य आकर्षण गोरखपुर के सांसद रवि किशन रहे, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और कुशीनगर सांसद विजय दुबे के साथ ‘कार पूल’ (एक ही गाड़ी) करके आयोजन स्थल पर पहुंचे।
46 एकड़ में फैलेगा खेल का साम्राज्य; 30 हजार दर्शकों की होगी क्षमता
यह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई व मजबूत पहचान दिलाएगा। इस हाईटेक खेल परिसर की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
विशाल क्षेत्रफल: पूरा स्टेडियम कुल 46 एकड़ के भव्य और विस्तृत भूभाग पर तैयार किया जा रहा है।
दर्शक क्षमता: स्टेडियम में एक साथ 30,000 दर्शकों के बैठने की अत्याधुनिक व्यवस्था होगी।
पिच और लाइट्स: अंतरराष्ट्रीय मानकों (ICC Standards) के अनुरूप मुख्य मैदान में 7 प्लेइंग पिच और खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए 4 प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। साथ ही, रात्रिकालीन (डे-नाइट) मैचों के शानदार आयोजन के लिए मैदान में 4 गगनचुंबी हाईमास्ट फ्लड लाइट्स लगाई जाएंगी।
अत्याधुनिक पैवेनियन: स्टेडियम के पूरब और पश्चिम स्टैंड में 14,000 से अधिक आम दर्शकों की सीटिंग होगी, जबकि उत्तर और दक्षिण पैवेलियन को वीआईपी (VIP), वीवीआईपी (VVIP) और मीडिया गैलरी के लिए विशेष रूप से आरक्षित व सर्वसुविधायुक्त बनाया जाएगा।
जानिए कब तक बनकर तैयार होगा यह वर्ल्ड-क्लास स्टेडियम?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद इस बड़ी परियोजना पर जमीनी काम 24 दिसंबर 2025 से ही शुरू कर दिया गया था। योगी सरकार द्वारा जारी की गई ₹63 करोड़ 39 लाख की भारी-भरकम पहली किस्त की बदौलत निर्माण कार्य बेहद तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।
परियोजना की कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, अब तक कुल निर्माण का लगभग 7 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। विभाग ने दिसंबर 2027 तक इस वर्ल्ड-क्लास क्रिकेट स्टेडियम को पूरी तरह तैयार कर जनता को सौंपने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने इसे क्षेत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच मिलेगा।
कनेक्टिविटी में अव्वल और कॉर्पोरेट फंड का मिला बड़ा सहारा
भौगोलिक और कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से यह स्टेडियम बेहद शानदार स्थान पर स्थित है। फोरलेन हाईवे से सीधे जुड़े होने के कारण खिलाड़ियों और पर्यटकों को यहां पहुंचने में कोई असुविधा नहीं होगी। यह स्थान गोरखपुर एयरपोर्ट से महज 24 किलोमीटर और मुख्य रेलवे स्टेशन से सिर्फ 20 किलोमीटर की दूरी पर है।
इस स्टेडियम के निर्माण में देश की शीर्ष पेट्रोलियम कंपनियां ‘कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (CSR Fund) के तहत कुल ₹100 करोड़ का बड़ा वित्तीय योगदान दे रही हैं, जिसमे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC): ₹60 करोड़, भारत पेट्रोलियम (BPCL): ₹30 करोड़, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): ₹10 करोड़, का CSR Fund प्रदान कर रही हैं।
यह स्टेडियम केवल एक ढांचा या खेल परिसर नहीं, बल्कि आने वाले समय में वैश्विक टूर्नामेंट्स, आईपीएल (IPL) और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी कर उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का नया इंजन बनने जा रहा है।


