मुंबई का गौरव: ग्लेनेईगल्स अस्पताल को मिला वर्ल्ड स्ट्रोक ऑर्गनाइजेशन और NABH का दोहरा सम्मान; बना शहर का पहला ऐसा केंद्र

Health

मुंबई (अनिल बेदाग)। मुंबई के परेल स्थित ग्लेनेईगल्स अस्पताल ने न्यूरोलॉजी और स्ट्रोक उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल को वर्ल्ड स्ट्रोक ऑर्गनाइजेशन और एनएबीएच एडवांस्ड स्ट्रोक सेंटर—दोनों की प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन प्राप्त हुई है। इसके साथ ही यह मुंबई का पहला अस्पताल बन गया है, जिसे एक साथ यह अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मान्यता मिली है।

स्ट्रोक के बढ़ते मामलों में भरोसेमंद केंद्र

भारत में स्ट्रोक के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे समय में ग्लेनेईगल्स अस्पताल को मिली यह मान्यता दर्शाती है कि अस्पताल समय पर जीवनरक्षक इलाज देने के लिए आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षित टीम के साथ पूरी तरह सक्षम है।

अस्पताल की स्ट्रोक टीम में देश के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. शिरीष हस्तक, डॉ. नितिन दांगे और डॉ. पंकज अग्रवाल, इंटरवेंशनल स्पेशलिस्ट्स और क्रिटिकल केयर डॉक्टर शामिल हैं। यह टीम मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच के साथ हर मरीज का उपचार करती है। इलाज के दौरान डोर-टू-नीडल टाइम और डोर-टू-ग्रॉइन टाइम पर विशेष फोकस किया जाता है, जिससे मरीज को न्यूनतम समय में अधिकतम लाभ मिल सके।

गोल्डन विंडो में इलाज से बेहतर रिकवरी

ग्लेनेईगल्स अस्पताल में अलग न्यूरो क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित है, जहां गंभीर स्ट्रोक मरीजों की विशेष निगरानी और देखभाल की जाती है। स्ट्रोक के इलाज में 4.5 घंटे की “गोल्डन विंडो” को बेहद अहम माना जाता है, ताकि मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और मरीज जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सके।

सीईओ ने जताया गर्व

अस्पताल के सीईओ डॉ. बिपीन चेवले ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह सर्टिफिकेशन पूरी टीम की मेहनत, मजबूत सिस्टम और मरीजों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।

उन्होंने कहा, “स्ट्रोक जैसे समय-संवेदनशील रोग में सही समय पर सही इलाज बेहद जरूरी है। मुंबई का एकमात्र अस्पताल होना जिसे यह मान्यता मिली है, हमारे लिए गर्व की बात है। हम आगे भी मरीजों को बेहतर, तेज़ और संवेदनशील इलाज देने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।”

ग्लेनेईगल्स अस्पताल की यह उपलब्धि मुंबई में स्ट्रोक उपचार और न्यूरोलॉजी सेवाओं के लिए एक नया मानक स्थापित करती.

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