आगरा: ताजनगरी के प्रतिष्ठित दयालबाग शिक्षण संस्थान (DEI) में गुरुवार को रचनात्मकता और पोषण का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। संस्थान के गृह विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष प्रतियोगिता में छात्रों ने गर्मियों के लोकप्रिय फल तरबूज और खरबूजे को ‘फ्यूजन फूड’ में बदलकर सबको हैरान कर दिया।
55 टीमें, 90 छात्र और सैकड़ों इनोवेशन
बी.वॉक. (फूड प्रोसेसिंग एंड प्रिजर्वेशन) पाठ्यक्रम के तहत आयोजित इस अंतर संकाय प्रतियोगिता में लगभग 55 टीमों के 90 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसमें दयालबाग यूनिवर्सिटी के विभिन्न संकायों के साथ-साथ प्रेम विद्यालय की छात्राओं ने भी अपनी पाक कला का प्रदर्शन किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य मौसमी फलों में ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) कर उनके पोषण गुणों को नई पहचान देना था।
तरबूज की पानीपुरी और खरबूजे के मफिन: मेन्यू देख दंग रह गए लोग
प्रतियोगिता में छात्रों ने तरबूज और खरबूजे से पारंपरिक मिठाइयों से लेकर आधुनिक फास्ट फूड तक की विस्तृत श्रृंखला पेश की। प्रदर्शनी में मुख्य आकर्षण रहे:
डेजर्ट: खरबूजे की बर्फी, कुल्फी, आइसक्रीम, हलवा, लड्डू और पुडिंग।
बेकरी: तरबूज के मफिन, कुकीज़ और न्यूट्रीबार।
फ्यूजन: तरबूज का पिज्जा, सैंडविच, चाट बास्केट और तरबूज की पानीपुरी।
पेय: मिंट जेली, लेमोनेड, फालूदा और विभिन्न प्रकार के शरबत।
गुणवत्ता और नवाचार पर रहा जजों का जोर
प्रस्तुत उत्पादों का मूल्यांकन वरिष्ठ निर्णायक श्रीमती स्नेह बिजलानी, प्रोफेसर गुल माथुर और प्रोफेसर विभा सत्संगी द्वारा किया गया। निर्णायकों ने स्वाद के साथ-साथ उत्पादों की प्रस्तुति, स्वच्छता और उनमें किए गए नवाचार के आधार पर टीमों को अंक दिए।
संस्थान के दिग्गजों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में संस्थान के डायरेक्टर प्रो. पटवर्धन और रजिस्ट्रार प्रो. संजीव स्वामी ने छात्रों के हुनर की सराहना की। डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता सैनी ने बताया कि ऐसे आयोजनों से छात्रों में सामूहिक गतिविधि और उद्यमिता की भावना का विकास होता है। इस सफल आयोजन में डॉ. सीमा कश्यप और गृह विज्ञान विभाग के समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

