लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब भी युवा नेतृत्व, आधुनिक सोच और विकास की राजनीति की चर्चा होती है तो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। अपने समर्थकों के बीच ‘टीपू’ के नाम से लोकप्रिय अखिलेश यादव ने छात्र जीवन से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक का सफर अपनी कार्यशैली, सरल स्वभाव और विकासवादी सोच के दम पर तय किया। वर्ष 2012 में वह प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने और उन्होंने प्रदेश में कई ऐसी योजनाओं की शुरुआत की, जिनकी चर्चा आज भी होती है।
राजनीतिक परिवार में जन्म, लेकिन बनाई अलग पहचान
1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई गांव में जन्मे अखिलेश यादव समाजवादी आंदोलन के सबसे बड़े नेताओं में गिने जाने वाले और मालती देवी के पुत्र हैं। राजनीतिक माहौल में पले-बढ़े होने के बावजूद उनका बचपन सामान्य परिवेश में बीता। परिवार ने उन्हें अनुशासन और शिक्षा को प्राथमिकता देने की सीख दी, जिसका प्रभाव उनके व्यक्तित्व में आज भी दिखाई देता है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई से राजनीति तक
अखिलेश यादव की शुरुआती शिक्षा राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में हुई, जहां उन्होंने अनुशासन और नेतृत्व के गुण सीखे। इसके बाद उन्होंने मैसूर से सिविल एवं एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उच्च शिक्षा के लिए वह ऑस्ट्रेलिया गए और से एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की। विदेश में पढ़ाई के दौरान उन्होंने आधुनिक शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत ढांचे को करीब से समझा, जिसकी झलक बाद में उनकी राजनीतिक सोच और विकास योजनाओं में भी दिखाई दी।
24 नवंबर 1999 को उनका विवाह से हुआ। डिंपल यादव भी सक्रिय राजनीति में हैं और लोकसभा सदस्य रह चुकी हैं।
26 वर्ष की उम्र में बने सांसद
विदेश से लौटने के बाद वर्ष 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में अखिलेश यादव ने पहली बार चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर महज 26 वर्ष की आयु में संसद पहुंचे। इसके बाद 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने लगातार जीत हासिल की। संसद में रहते हुए उन्होंने किसानों, युवाओं, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी और धीरे-धीरे समाजवादी पार्टी के युवा चेहरे के रूप में स्थापित हो गए।
‘क्रांति रथ यात्रा’ ने बदल दी सपा की तस्वीर
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने पूरे उत्तर प्रदेश में ‘क्रांति रथ यात्रा’ निकाली। उन्होंने हजारों किलोमीटर की यात्रा कर गांव-गांव और शहर-शहर युवाओं, किसानों, व्यापारियों और आम जनता से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी को नई सोच, नई ऊर्जा और नई पीढ़ी की पार्टी के रूप में प्रस्तुत किया।
इस अभियान का असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दिया। समाजवादी पार्टी ने 403 सदस्यीय विधानसभा में 224 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया। इसके बाद 15 मार्च 2012 को अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के 20वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और मात्र 38 वर्ष की उम्र में प्रदेश के इतिहास के सबसे युवा मुख्यमंत्री बन गए।
विकास परियोजनाओं पर रहा विशेष जोर
मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव ने सड़क, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित परियोजनाओं में शामिल है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे यह एक्सप्रेसवे रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ और इसकी विशेषता यह है कि आपात स्थिति में इस पर लड़ाकू विमान भी उतर सकते हैं।
लखनऊ में मेट्रो परियोजना की शुरुआत उनके कार्यकाल में हुई, जिसने राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा दी। इसके अलावा जनेश्वर मिश्र पार्क का निर्माण कराया गया, जिसे एशिया के बड़े शहरी पार्कों में गिना जाता है। खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से का इकना स्टेडियम निर्माण भी इसी दौर में हुआ। जो आज यूपी का सर्वोत्तम स्टेडियम है ।
शिक्षा और तकनीक को दी नई पहचान
अखिलेश सरकार की सबसे चर्चित योजनाओं में मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना शामिल रही। इस योजना के तहत 15 लाख से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध कराए गए। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच डिजिटल अंतर को कम करना और युवाओं को तकनीक से जोड़ना था।
महिला सुरक्षा और आधुनिक पुलिस व्यवस्था
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1090 विमेन पावर लाइन की शुरुआत की गई। साथ ही आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए यूपी-100 सेवा शुरू हुई, जिसे बाद में यूपी-112 के रूप में विस्तारित किया गया। इन सेवाओं ने पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संगठन की कमान और राष्ट्रीय राजनीति
वर्तमान में अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रमुख विपक्षी चेहरों में शामिल हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उन्होंने पार्टी का नेतृत्व किया है तथा युवाओं, किसानों, रोजगार, शिक्षा, महंगाई, सामाजिक न्याय और संविधान से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार अपनी राजनीतिक भूमिका निभाई है।
सरल व्यक्तित्व और युवा राजनीति का चेहरा
अखिलेश यादव की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में भी है जो तकनीक के उपयोग, आधुनिक सोच और सहज व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। समाजवादी विचारधारा के साथ विकास की राजनीति को जोड़ने का प्रयास उनकी राजनीतिक शैली की प्रमुख विशेषता माना जाता है। समर्थकों के बीच आज भी ‘टीपू’ के नाम से लोकप्रिय अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और आने वाले समय में भी राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Up18 news परिवार की तरफ से यूपी के सबसे बड़े नेता अखिलेश यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।


