आगरा में भाजपा महिला मोर्चा का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ सड़कों पर उतरीं महिला कार्यकर्ता, एमजी रोड पर निकला विशाल जुलूस

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आगरा। उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में महिलाओं के मान-सम्मान और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को लेकर राजनीतिक पारा अचानक काफी हाई हो गया है। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की बैनर तले सैकड़ों की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से राहुल गांधी के खिलाफ एक कड़ा और मुखर प्रदर्शन किया।

​भाजपा महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष उपमा गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी तादाद में महिला कार्यकर्ता शहर के व्यस्ततम मार्ग यानी एमजी रोड पर एकजुट हुईं। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के हाथों में पार्टी के झंडे और तीखे नारों वाली तख्तियां थीं। ‘महिलाओं के सम्मान में, नारी शक्ति मैदान में’ के गगनभेदी नारों के बीच यह पूरा जुलूस एमजी रोड से होता हुआ जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राहुल गांधी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग उठाई।

​कांग्रेस के दावों और व्यवहार पर उठाए सवाल

इस प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा महिला महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी के उस दोहरे चरित्र पर करारा प्रहार किया, जिसमें पार्टी मंचों से तो महिला सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन धरातल पर उसके आचरण में इसके विपरीत स्थिति देखने को मिलती है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट मत था कि देश के किसी भी राजनीतिक दल को महिलाओं के सम्मान, उनकी सुरक्षा और उनके बुनियादी अधिकारों के मामलों पर कोई भी अस्पष्टता न रखकर एक बहुत ही जिम्मेदार और स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। इस पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के साथ-साथ कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी को भी विशेष रूप से निशाने पर लिया गया।

​’महिलाओं के सम्मान पर कोई चुप्पी स्वीकार नहीं’

इस मौके पर मौजूद भाजपा की वरिष्ठ और अनुभवी नेत्री निर्मला दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की अस्मिता, सुरक्षा और उनके मान-सम्मान से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर किसी भी दल या व्यक्ति की चुप्पी अब कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी के दावों और बयानों का आकलन हमेशा उनके व्यावहारिक आचरण की कसौटी पर किया जाना चाहिए।

महिलाओं के अधिकार जैसे गंभीर विषयों पर केवल राजनीतिक बयानबाजी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके प्रति जमीन पर अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखानी होगी।

​प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की तमाम प्रमुख पदाधिकारी, स्थानीय नेत्री और बड़ी संख्या में समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि महिलाओं के सम्मान से जुड़े विषयों पर इस तरह की लापरवाही बरती गई, तो उनका यह विरोध और अधिक तीव्र रूप ले लेगा।