भारत की पहचान केवल उसकी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से ही नहीं, बल्कि उसकी कृषि और किसानों से भी है। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसान आज भी खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बावजूद इसके, कृषि, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और ग्रामीण नवाचारों को समर्पित एक समग्र डिजिटल मंच की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए Farmfare TV की शुरुआत की गई है। यह भारत का पहला Agritainment OTT प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य खेती को केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि संस्कृति, विज्ञान, नवाचार और जीवनशैली के रूप में प्रस्तुत करना है।
Farmfare TV किसानों, पशुपालकों, कृषि विशेषज्ञों, ग्रामीण उद्यमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक ऐसा डिजिटल मंच है, जहां ज्ञान, प्रेरणा और मनोरंजन का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
संस्थापक सुनील सुशीला शर्मा: कॉर्पोरेट से कृषि जागरण तक का प्रेरणादायक सफर
Farmfare TV के संस्थापक सुनील सुशीला शर्मा उन चुनिंदा व्यक्तित्वों में शामिल हैं जिन्होंने एक सफल कॉर्पोरेट करियर छोड़कर किसानों और भारतीय कृषि के उत्थान को अपना जीवन उद्देश्य बनाया।
उन्होंने Citibank और Kotak Mahindra Bank जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। हालांकि, किसानों की समस्याओं, रासायनिक खेती के बढ़ते दुष्प्रभाव और प्राकृतिक संसाधनों के लगातार हो रहे नुकसान ने उन्हें एक नई दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद उन्होंने कृषि पत्रकारिता, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई और अपना संपूर्ण जीवन किसान जागरूकता एवं कृषि नवाचारों के प्रसार को समर्पित कर दिया।

500 से अधिक कृषि कार्यक्रमों का सफल निर्माण
पिछले कई वर्षों में सुनील सुशीला शर्मा ने कृषि, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, जल संरक्षण और ग्रामीण भारत से जुड़े 500 से अधिक टीवी कार्यक्रमों का निर्माण और संचालन किया है।
उनके लोकप्रिय कार्यक्रम
राम राम सा
मिट्टी के महानायक
वंदे गौ मातरम्
हल, कलम और कैमरा
प्रकृति की पाठशाला
देशभर के लाखों किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती, सफल किसानों की प्रेरणादायक कहानियां और ग्रामीण नवाचारों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
रिकॉर्ड और राष्ट्रीय सम्मान
कृषि और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
उन्होंने प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण पर 24 घंटे से अधिक समय तक चलने वाले अखंड संवाद का सफल संचालन किया, जिसके लिए उनका नाम Asia Book of Records और India Book of Records में दर्ज किया गया।
कृषि पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें
गुजरात में श्रेष्ठ कृषि पत्रकार सम्मान
मुंबई में प्रतिष्ठित Journalist of the Year Award
जैसे सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं।
Farmfare TV का विज़न: किसान सम्मान से आत्मनिर्भर भारत तक
Farmfare TV केवल जानकारी देने वाला OTT प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह किसानों को सम्मान, पहचान और अवसर प्रदान करने का एक राष्ट्रीय अभियान है।
इस मंच के माध्यम से उन किसानों की प्रेरणादायक कहानियां देश-दुनिया तक पहुंचाई जाएंगी, जिन्होंने अपने नवाचार, मेहनत और संकल्प से कृषि क्षेत्र में नई मिसालें कायम की हैं।
Farmfare TV पर दर्शकों को निम्न विषयों पर विशेष कार्यक्रम देखने को मिलेंगे
प्राकृतिक खेती
जैविक खेती
देसी गाय एवं पशुपालन
स्मार्ट फार्मिंग
आधुनिक कृषि तकनीक
कृषि स्टार्टअप
ग्रामीण उद्यमिता
जल संरक्षण
कृषि यंत्र
ग्रामीण पर्यटन
जैविक उत्पाद
पर्यावरण संरक्षण
भारतीय संस्कृति एवं ग्रामीण जीवन
ज्ञान और मनोरंजन का अनूठा संगम
Farmfare TV का उद्देश्य कृषि शिक्षा को रोचक और प्रभावशाली बनाना है।
इस मंच पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम केवल जानकारी नहीं देंगे, बल्कि किसानों, युवाओं और कृषि उद्यमियों को प्रेरित भी करेंगे।
“राम राम सा”, “वंदे गौ मातरम्”, “मिट्टी के महानायक”, “हल, कलम और कैमरा”, “प्रकृति की पाठशाला” जैसी विशेष श्रृंखलाएं खेती, पर्यावरण और ग्रामीण भारत की सकारात्मक कहानियों को नई पहचान देंगी।
Farmfare TV: एक OTT प्लेटफॉर्म से बढ़कर एक राष्ट्रीय आंदोलन
Farmfare TV केवल डिजिटल मनोरंजन का माध्यम नहीं है। यह किसान सम्मान, मिट्टी संरक्षण, जल संवर्धन, प्राकृतिक खेती और सतत विकास को समर्पित एक राष्ट्रीय अभियान है।
यह मंच कृषि को नई पीढ़ी से जोड़ने, किसानों को वैश्विक पहचान दिलाने और ग्रामीण भारत की सकारात्मक कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है।
Farmfare TV का विश्वास है कि—
“किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा।
मिट्टी बचेगी तो भविष्य सुरक्षित होगा।
प्रकृति समृद्ध होगी तो मानवता का विकास सुनिश्चित होगा।”
आइए, किसानों के सम्मान, प्रकृति के संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की इस यात्रा का हिस्सा बनें।


