नई दिल्ली/मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए एजेंसी ने मुंबई के पॉश इलाके पाली हिल में स्थित उनके 17 मंजिला आलीशान घर ‘अबोड’ (Abode) को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये बताई गई है।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
यह पूरा मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) से जुड़े बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। आरकॉम और उसकी सहयोगी कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों से भारी ऋण लिया था, जिसमें से लगभग 40,185 करोड़ रुपये बकाया हैं। कई ऋण खाते अब NPA घोषित हो चुके हैं।
जांच में सामने आया कि पाली हिल स्थित इस संपत्ति को एक ‘निजी पारिवारिक ट्रस्ट’ में स्थानांतरित कर दिया गया था। ईडी का मानना है कि यह ‘कॉरपोरेट पुनर्गठन’ केवल इसलिए किया गया ताकि संपत्ति को देनदारियों और पर्सनल गारंटी से बचाया जा सके, जबकि इसका वास्तविक लाभ अंबानी परिवार ही ले रहा था।
15,700 करोड़ से अधिक की संपत्ति अब तक कुर्क
इस ताजा कार्रवाई के साथ ही अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य अब 15,700 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इससे पहले भी इसी संपत्ति का एक छोटा हिस्सा (473 करोड़ रुपये) अटैच किया गया था।
जांच की सुई अब और गहरी:
66 वर्षीय अनिल अंबानी से इस मामले में पहले भी पूछताछ हो चुकी है। सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी इस मनी ट्रेल की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक धन की रक्षा और देश की वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

